विशेष संपादकीय

“करउँ सोइ जेहि लागि सब काजा, सीलु सनेहु न छोड़उँ साजा।”

रामचरितमानस की इस चौपाई का सरल अर्थ है – “मैं वही कार्य करता हूँ जिससे सबका कल्याण हो और किसी भी परिस्थिति में अपने शील (शिष्टाचार) और स्नेह का त्याग नहीं करता।” यह चौपाई जनसेवा के पथ पर चलते हुए समाज के लिए प्रेरणा बने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के जीवन और कार्यशैली पर पूरी तरह सार्थक प्रतीत होती है।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का जन्मदिन 19 जुलाई राज्य की राजनीति और जनजीवन के लिए विशेष महत्व रखता है। यह दिन केवल एक जननेता का जन्मदिन नहीं, बल्कि सादगी, समर्पण और सेवा के मूल्यों पर आधारित विचारधारा का उत्सव भी है। कबीरधाम (कवर्धा) से पहली बार विधायक बनकर छत्तीसगढ़ की राजनीति के आकाश में उभरे विजय शर्मा ने जिस सहजता और आत्मीयता से जनता के बीच अपनी पहचान बनाई, वह उन्हें सामान्य राजनेताओं से अलग बनाती है।

19 जुलाई 1973 को एक साधारण एवं संस्कारी परिवार में जन्मे विजय शर्मा को बचपन से ही ईमानदारी, परिश्रम और सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार मिले। शायद यही कारण है कि उन्होंने जीवन के प्रारंभिक चरण से ही समाजसेवा को अपना लक्ष्य बना लिया। उनके लिए राजनीति कभी सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त साधन रही है।

जनता से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। वे सजे-धजे मंचों की बजाय ज़मीन पर बैठकर आमजन की समस्याएँ सुनने और समझने वाले जनप्रतिनिधि हैं। हाल ही की बात है, उनके काफिले के गुजरने के दौरान एक बुजुर्ग महिला अपने घर की छत से उन्हें देख रही थी। विजय शर्मा ने उन्हें देखकर सहज भाव से आवाज़ लगाई – “आ ना दाई, चाय पीबो।” ऐसी आत्मीयता और अपनापन विरले ही देखने को मिलता है।

उनके दौरे के दौरान अधिकारियों को उनके मंच और कुर्सी से अधिक इस बात की चिंता रहती है कि वे जनता के बीच ज़मीन पर कहाँ और कैसे बैठेंगे। आमतौर पर बड़े नेताओं के काफिले गुजरने पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी जाती है, लेकिन विजय शर्मा का काफिला इस सामंती परंपरा को तोड़ता हुआ दिखाई देता है। उनके लिए जनता केवल मतदाता नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा है।

उनका यह व्यवहार एक गहरा संदेश देता है कि नेतृत्व का अर्थ दूरी बनाना नहीं, बल्कि दूरी मिटाना है। यही कारण है कि लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “बंटी भैया” कहकर पुकारते हैं। यह संबोधन जनता के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक बन चुका है।

आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार में विजय शर्मा के पास गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। इन विभागों में उनकी कार्यशैली पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और परिणाममुखी दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में विजय शर्मा की भूमिका ऐतिहासिक और निर्णायक रही है। वर्षों से माओवादी हिंसा से प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों, रणनीतिक निर्णयों और विकास योजनाओं के समन्वय से जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, वह उल्लेखनीय और प्रशंसनीय है। यह प्रशासनिक सफलता उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की भावना का परिणाम है।

परशुराम की भाँति अन्याय के विरुद्ध उनका संघर्ष यह सिद्ध करता है कि साहस और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकते हैं। विजय शर्मा केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं। किसी पीड़ित व्यक्ति की व्यथा से व्यथित होकर उसकी समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहना उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। उनका मानना है कि योजनाओं की सफलता आँकड़ों से नहीं, बल्कि जनता के चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि से मापी जानी चाहिए।

उनकी कार्यशैली में विकास और मानवीयता का संतुलन भी स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि विकास केवल ढांचागत न होकर सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी समावेशी हो।

आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ विजय शर्मा का सपना है। यह केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि ऐसा लक्ष्य है जिसे साकार करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं।

आज जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अपने जीवन के एक और वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब यह अवसर केवल उन्हें शुभकामनाएँ देने का नहीं, बल्कि उनके योगदान का स्मरण करने का भी है। यह उस समर्पण को सम्मान देने का समय है जिसने छत्तीसगढ़ के विकास और परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रदेश के युवा, जो कुशल नेतृत्व की कला सीखना चाहते हैं, उन्हें विजय शर्मा के जीवन से यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि सच्चा नेतृत्व वही है जो लोगों के दिलों में स्थान बनाए, सत्ता को सेवा का माध्यम बनाए और हर परिस्थिति में समाजहित को सर्वोपरि रखे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़24 मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ / लल्लूराम डॉट कॉम