हरिद्वार में सोमवार को बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ और डाक कांवड़ अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। प्रशासन के अनुसार शाम छह बजे तक 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके थे।

हरिद्वार। सोमवार को हुई तेज बारिश के बावजूद हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कांवड़ मेले के 12वें दिन शिवरात्रि से एक दिन पहले डाक कांवड़ अपने अंतिम चरण में रही और राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक कांवड़ यात्रियों की आवाजाही जारी रही।

प्रशासन के अनुसार, कांवड़ मेला शुरू होने से सोमवार शाम छह बजे तक कुल 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके थे। इनमें बड़ी संख्या में शिवभक्त पैदल और अलग-अलग वाहनों से अपने क्षेत्रों की ओर लौट रहे हैं।

बारिश में भी जारी यात्रा

सोमवार सुबह करीब सात बजे बारिश शुरू हुई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश भी कांवड़ यात्रियों को रोक नहीं सकी और वे लगातार अपनी यात्रा आगे बढ़ाते रहे।

दोपहर करीब तीन बजे तक बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में शिवभक्त भीगते हुए अपने गंतव्य की ओर जाते दिखाई दिए। बारिश के कारण धर्मनगरी के कई हिस्से जलमग्न हो गए, लेकिन कांवड़ यात्रियों की आवाजाही जारी रही।

सड़कों पर उमड़ा सैलाब

शहर की गलियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर कांवड़ यात्रियों की भीड़ नजर आई। इस दौरान जगह-जगह डीजे पर शिव भक्ति के गीत बजते रहे और कांवड़ यात्री इन गीतों पर थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे।

सोमवार को डाक कांवड़ अपने अंतिम चरण में थी। आमतौर पर डाक कांवड़ के अंतिम दिन क्षेत्रीय लोगों की भीड़ बढ़ने की बात कही जाती है, लेकिन सोमवार को हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के कई अन्य जिलों से आए यात्रियों की भी बड़ी संख्या नजर आई।

4.43 करोड़ भक्त रवाना

रविवार देर शाम से सोमवार शाम छह बजे तक 63 लाख 60 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर हरिद्वार से रवाना हो चुके थे। इसके साथ ही कांवड़ मेला शुरू होने से सोमवार शाम छह बजे तक कुल संख्या 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार पहुंच गई।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, बड़ी संख्या में शिवभक्त पैदल और विभिन्न वाहनों से अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रियों की कुल संख्या का आंकड़ा मंगलवार शाम तक जारी किया जाएगा।