मुकेश मेहता, सीहोर (रेहटी/बुधनी)। प्रस्तावित भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में रेहटी तहसील को शामिल किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। रेहटी क्षेत्र के विकास, पर्यटन, कृषि और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य सिलाई कला मंडल के पूर्व अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त मनोहर लाल माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को  सी एम हाउस  मे पत्र दे कर रेहटी तहसील को प्रस्तावित भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल करने की मांग की है।

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मांगपत्र में कहा गया है कि रेहटी तहसील को मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किया जाना क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यटन, व्यापार, आवागमन और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। रेहटी के समीप प्रसिद्ध सलकनपुर देवी धाम सहित अनेक धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं। सलकनपुर में विकास कार्यों पर शासन द्वारा बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है तथा यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इसके अलावा आंवलीघाट स्थित नर्मदा तट पर वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। पत्र में डेलावाड़ी-रातापानी अभयारण्य, रानी कमलापति का गिन्नौरगढ़ किला, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों का भी उल्लेख किया गया है। क्षेत्र में स्टेट हाईवे, केंद्रीय राजमार्ग और बुधनी-इंदौर रेल लाइन के कार्यों को भी रेहटी के भविष्य के विकास से जोड़ते हुए मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल करने का मजबूत आधार बताया गया है।

भोपाल से बढ़ती कनेक्टिविटी भी बनी प्रमुख वजह

मांगपत्र में कहा गया है कि भोपाल से सिवनी मालवा इंटरसिटी को भी रीजन से जोड़ा गया है और भोपाल से आंवलीघाट नर्मदा सेतु के माध्यम से क्षेत्र की दूरी कम हुई है। ऐसे में रेहटी को भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल करने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

रेहटी में कृषि महाविद्यालय की भी मांग

इसी क्रम में रेहटी में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ करने की मांग भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की गई है। मांगपत्र में बताया गया कि रेहटी के शासकीय कृषि प्रक्षेत्र में करीब 70 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध है। रेहटी, हरदा, भेरूंदा और आसपास का क्षेत्र कृषि प्रधान है। कृषि महाविद्यालय शुरू होने से क्षेत्र के किसानों और उनके बच्चों को कृषि की आधुनिक एवं उन्नत तकनीक का लाभ मिल सकेगा।

रेहटी में प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग

एक अन्य मांग में रेहटी तहसील के किसानों को राजस्व संबंधी दस्तावेजों के लिए सीहोर जिला मुख्यालय जाने की परेशानी का उल्लेख किया गया है। मांग की गई है कि पुरानी राजस्व नकल रेहटी में ही उपलब्ध कराई जाए तथा पूर्व में जिस तरह अनुविभागीय अधिकारी सप्ताह में एक दिन रेहटी तहसील में बैठते थे, उस व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए।

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केंद्रीय मंत्री और मंत्री को भी दिया मांग पत्र

इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समक्ष भी मांग रखी गई है। पत्रों में रेहटी के भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होने को क्षेत्र के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय बताते हुए शासन से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा की गई है।

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