केओंझर। ओडिशा के केओंझर जिले की तेलकोई विधानसभा सीट से BJP विधायक फकीर मोहन नायक ने अपनी और अपने सहयोगियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जान से मारने की धमकियों और कथित हमले की साजिश का हवाला देते हुए तत्काल सुरक्षा बढ़ाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उन्हें और उनके राजनीतिक सहयोगियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, आपत्तिजनक पोस्ट, ग्राफिक्स और धमकी भरे संदेशों के जरिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया धमकियों को बताया गंभीर खतरा
विधायक का कहना है कि मामला केवल सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों तक सीमित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई है कि ऑनलाइन धमकियां किसी बड़ी और योजनाबद्ध हिंसक गतिविधि की ओर इशारा कर रही हैं। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से उनके समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच भी डर का माहौल बन रहा है।
अपने पत्र में फकीर मोहन नायक ने हाल के दिनों में हुई कुछ संदिग्ध घटनाओं और कथित हमले के प्रयासों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आशंका जताई कि ये घटनाएं किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और असामाजिक तत्वों पर जताया संदेह
विधायक ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के कारण उनकी सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
विधायक ने रखीं ये प्रमुख मांगें
फकीर मोहन नायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि—
- उनकी और उनके निकटतम सहयोगियों की सुरक्षा में तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
- सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट, पोस्टर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वाले खातों की पहचान की जाए।
- इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के पीछे मौजूद लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
- कथित हमले और साजिश में शामिल संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के स्तर पर भी सक्रियता बढ़ने की बात कही जा रही है। विधायक की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सामने आई कथित धमकियों की साइबर जांच किए जाने की संभावना है। हालांकि, मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
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