नई दिल्ली: संसद के अंदर एक नाटकीय मोड़ में, बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने संचार और IT पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके पीछे बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के महान राजनेता बीजू पटनायक के खिलाफ की गई “अपमानजनक” टिप्पणियों का हवाला दिया है।
राज्यसभा के सभापति को लिखे एक पत्र में, पात्रा ने घोषणा की कि दुबे के उस विवादास्पद बयान के बाद, जिसमें उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान बीजू पटनायक को CIA की संलिप्तता से जोड़ा था, वह दुबे की अध्यक्षता में काम नहीं कर सकते। पात्रा ने लिखा, “मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर, ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन काम जारी नहीं रख सकता जो एक सम्मानित नेता की छवि खराब करता हो,” और आग्रह किया कि उनका इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष को भेज दिया जाए।
X (ट्विटर) पर पात्रा ने दुबे की टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें “अपमानजनक, झूठे और गैर-जिम्मेदाराना आरोप” बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेता के तौर पर बीजू पटनायक का योगदान “सवालों से परे” है। उन्होंने आगे कहा, “उनकी विरासत हमेशा छोटी-मोटी राजनीति से ऊपर रहेगी।”
इस विरोध की गूंज बीजद के अन्य नेताओं की आवाज़ में भी सुनाई दी। सांसद सुभाशीष खुंटिया ने दुबे की टिप्पणियों को ओडिशा के गौरव और भारत की वीरता का “गंभीर अपमान” बताया।

यह विवाद दुबे के 27 मार्च के उस दावे से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1962 के युद्ध के दौरान बीजू पटनायक ने नेहरू, अमेरिकी सरकार और CIA के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। यह दावा अब एक तीखी राजनीतिक और ऐतिहासिक बहस का विषय बन गया है।
- असम में कांग्रेस काफिले पर पथराव का आरोप, गौरव गोगोई ने BJP कार्यकर्ताओं पर साधा निशाना
- सागर जहरीली शराब कांड में बड़ा एक्शन: 2 SI, ASI और हेड कॉन्स्टेबल समेत 40 पुलिसकर्मी हटाए गए, नहीं बचा एक भी पुराना स्टाफ
- Asian Games 2026: भारत और श्रीलंका के बीच होगी खिताबी भिड़ंत, ‘हरमन ब्रिगेड’ की नजर गोल्ड पर, जानिए मैच से जुड़ी सभी जरूरी अपडेट्स
- किसानों से 21.37 लाख की धोखाधड़ी, धान खरीदकर नहीं किया भुगतान, आरोपी गिरफ्तार
- मदिरा प्रेमियों की बढ़ी परेशानी, शराब दुकान तक पहुंचने वाली सड़क बदहाल, दुर्घटना के डर से ब्लैक में शराब खरीदने को मजबूर



