हरियाणा की राजनीति में चौधरी भजनलाल परिवार की नाराजगी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब एक नई तस्वीर सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दिल्ली में हुई मुलाकात ने सियासी गलियारों में नए संदेश देने शुरू कर दिए हैं। सिर्फ मुलाकात ही नहीं, बल्कि परिवार के साथ भोजन और लंबी बातचीत को भाजपा के भीतर चल रहे संभावित ‘डैमेज कंट्रोल’ से जोड़कर देखा जा रहा है।

दरअसल, भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बड़े बेटे चंद्रमोहन को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद कुलदीप बिश्नोई खुलकर नाराज नजर आए थे। मामला इतना बढ़ा कि पार्टी के भीतर भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी। हालांकि बाद में रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली, जिसके बाद कुलदीप के तेवर कुछ नरम जरूर पड़े, लेकिन सियासी हलकों में यह चर्चा लगातार बनी रही कि बिश्नोई परिवार की नाराजगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

इसी बीच पिछले कुछ दिनों में कुलदीप बिश्नोई के किसी बड़े फैसले या राजनीतिक रुख बदलने की अटकलों ने भी जोर पकड़ा। ऐसे समय में मुख्यमंत्री नायब सैनी का दिल्ली पहुंचकर कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात करना और परिवार संग भोजन करना महज शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की ओर से रिश्तों को संभालने और संभावित असंतोष को शांत करने की कोशिश मान रहे हैं।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या कुलदीप बिश्नोई पूरी तरह मान गए हैं? क्या भजनलाल परिवार और भाजपा के बीच पैदा हुई दूरी अब खत्म हो चुकी है? फिलहाल तस्वीरें और मुलाकातें तो सकारात्मक संकेत दे रही हैं, लेकिन हरियाणा की राजनीति में संकेतों के पीछे की कहानी अक्सर समय ही साफ करता है।