महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. एक बार फिर उन्होंने बड़ा बयान दिया है. BJP विधायक नितेश राणे ने कहा है कि उन्हें ‘हरे रंग के वोटर्स’ से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि वो सर्व धर्म समभाव के विचार को नहीं मानते और न गंगा जमुना तहजीब को मानते हैं, ये हिंदुत्ववादी सरकार है और सिर्फ हिन्दू वोटों से चुनी गई है. इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है. विपक्षी दलों (महाविकास अघाड़ी) ने नितेश राणे पर तीखा हमला बोला है.
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और BJP विधायक नितेश राणे अपने आक्रामक हिंदुत्ववादी रुख और तीखे बयानों के लिए लगातार चर्चा में रहते हैं.
विधायक नितेश राणे ने भले ही नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर मुस्लिम समुदाय की तरफ जा रहा था. उन्होंने ने साफ साफ कहा है कि उन्हें ‘हरे रंग के वोटर्स’ से कोई लेना-देना नहीं है. वो सिर्फ हिंदू हैं और पहले हिंदुओं और हिन्दुत्व के भले के लिए काम करेंगे. उसके बाद भी किसी दूसरे धर्म के बारे में सोचेंगे.
इससे पहले भी BJP विधायक नितेश राणे तीखे और विवादास्पद बयान कई बार दे चुके है. एक बयान में तो उन्होंने ने यहां तक कह दिया था कि जिस देश में 90% हिंदू रहते हैं, उसे पहले ही हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए. एक और अलग बयान में चेताया था कि अगर किसी ने शरिया कानून लाने की कोशिश की, तो उनकी अगली बकरीद जेल में मनेगी.
उन्होंने ये भी कहा कि वो सर्व धर्म समभाव के विचार को नहीं मानते और न गंगा जमुना तहजीब को मानते हैं. पहले हिन्दुत्व के हित की सोचेंगे फिर उसके बाद किसी और के बारे में. उन्होंने ने साफ कहा कि ये हिंदुत्ववादी सरकार है और सिर्फ हिन्दू वोटों से चुनी गई है.
इस बार, ‘हरे रंग के वोटर्स से कोई लेना देना नहीं’ वाली उनकी इस टिप्पणी पर बवाल मचा हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि भाजपा नेता जानबूझकर आगामी चुनावों के मद्देनजर ध्रुवीकरण करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं.
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