अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्योहारी तहसील कार्यालय में लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
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नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति रमेश प्रसाद रजक ने लोकायुक्त रीवा से शिकायत की थी कि तहसील में पदस्थ खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति उनके मकान से संबंधित प्रकरण में मकान खाली कराने और कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी कर्मचारी द्वारा कुल 75 हजार रुपये की मांग की गई थी, फरियादी के अनुसार, आरोपी खंड लेखापाल इससे पहले भी मार्च माह में 12 हजार रुपये और 15 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था।
लगातार हो रही अवैध मांग से परेशान होकर रमेश रजक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा से की, शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने 75 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही ट्रैप कर लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के बाद तहसील कार्यालय में कर्मचारियों और आम लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा।
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गौरतलब है कि ब्योहारी में भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। महज 15 दिन पहले ही लोकायुक्त टीम ने एसडीएम कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा था, लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

