संजय वाणी, आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से खबर का एक बड़ा और असरदार प्रभाव देखने को मिला है। उदयगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत आम्बी के खरिया फलिया में 20 आदिवसी परिवारों द्वारा 12 फीट गहरे गड्ढे से पानी निकालकर पीने वाली खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप के पाइप बढ़ाने सहित आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है। हालांकि इस फौरी राहत के साथ ही जांच के दौरान कथित लीपापोती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसने अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली और जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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12 फीट गड्ढे से पानी निकालकर पीने को को मजबूर थे ग्रामीण
गौरतलब है कि खारिया फलिया के आदिवासी परिवार लंबे समय से भीषण जल संकट से जूझ रहे थे। यहां स्थिति इतनी बदतर थी कि महिलाओं और बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे एक गड्ढे से पानी निकालना पड़ता था। मामला जैसे ही मीडिया में उजागर हुआ प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पटवारी, पंचायत सचिव और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) का अमला गांव पहुंचा और मौके का बारीकी से निरीक्षण किया।
पंचनामा और अंगूठे लगवाने का वीडियो वायरल, उठे सवाल
प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को सुधारा और पंचनामा भी तैयार किया, लेकिन इसी दौरान का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत करते हुए दस्तावेजों पर उनके अंगूठे लगवाते दिखाई दे रहे हैं।

सरकार की पारदर्शिता पर शक
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर ग्रामीणों को दस्तावेजों पर अंगूठा लगाने से पहले क्या समझाया गया था? पंचनामे में असलियत लिखी गई है या कुछ और? चर्चा इस बात की भी है कि मौके पर जो हकीकत थी और बाद में मीडिया को जो जानकारी दी गई दोनों में भारी अंतर है।
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ग्रामीणों को मिली राहत, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
प्रशासन की सक्रियता से हैंडपंप सुधरने के बाद ग्रामीणों को पानी की उपलब्धता तो मिल गई है और उनकी परेशानी कम हुई है लेकिन वायरल वीडियो ने पूरे मामले को प्रशासनिक विवाद के केंद्र में ला खड़ा किया है।

