बठिंडा के केंद्रीय जेल में कैदियों के 2 गुटों के बीच जोरदार लड़ाई। यह लड़ाई इतनी अधिक बढ़ गई कि कैदी एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। हाथापाई में 1 कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई।
गुरप्रीत हत्या के मामले में सजा काट रहा है। वह अकेला खड़ा था तभी उसके पीछे हमलावर कैदियों ने लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसके सिर और बाहों पर गंभीर चोटें आईं।
छह लोगों ने पीटा मिलकर
गुरप्रीत सिंह ने बताया कि करीब आधा दर्जन कैदियों ने उस पर पीछे से हमला कर दिया। वह अकेला था और हमलावर 5 से 6 लोग थे। किसी ने उसे नहीं बचाया। गंभीर हालत में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

खुद ही बना लेते है हथियार
घायल कैदी के पिता सुरजीत सिंह भी बठिंडा जेल में सजा काट चुके हैं। इस घटना के बाद उन्होंने बताया कि कैदी जेल के अंदर ही हथियार बना लेते हैं। उनके अनुसार जेल के बाथरूम और खिड़कियों में लगी लोहे की ग्रिल, जब पानी से खराब हो जाती है तो कैदी उन्हें उखाड़कर धारदार हथियार बना लेते हैं और फिर कंबल में छिपा लेते हैं।
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