दिल्ली-NCR में मेट्रो नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की यात्री संख्या से जुड़ी ताजा रिपोर्ट में बड़ा बदलाव सामने आया है। लंबे समय से सबसे व्यस्त रहने वाली येलो लाइन को पीछे छोड़ते हुए ब्लू लाइन एक बार फिर दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की सबसे अधिक यात्री सफर वाली लाइन बन गई है। DMRC की मई 2026 की आधिकारिक ‘Passenger Journey’ रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लू लाइन (Blue Line) पर मई में कुल 4,83,80,002 यात्री यात्राएं दर्ज की गईं। इस दौरान औसतन 15,60,645 यात्री यात्राएं प्रतिदिन रहीं। वहीं, येलो लाइन पर मई में 4,81,16,698 यात्री यात्राएं दर्ज हुईं और इसका औसत दैनिक आंकड़ा 15,52,152 रहा। यानी मई में ब्लू लाइन ने येलो लाइन को करीब 2.63 लाख यात्री यात्राओं से पीछे छोड़ा।

ब्लू लाइन द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी और यमुना बैंक से वैशाली तक यात्रियों को जोड़ती है। यह कॉरिडोर दिल्ली के पश्चिमी हिस्से को मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र से जोड़ता है। वहीं, येलो लाइन समयपुर बादली से गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर तक जाती है।

नोएडा की बढ़ती अहमियत का असर

ब्लू लाइन की बढ़ती यात्री संख्या को दिल्ली-एनसीआर में बदलते आवागमन पैटर्न से भी जोड़कर देखा जा रहा है। नोएडा में आवासीय और रोजगार केंद्रों के विस्तार के साथ इस दिशा में मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसका असर प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर भी दिखाई दे रहा है। जुलाई में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन लगातार कई महीनों से नेटवर्क के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शीर्ष पर बना हुआ है। जून में यहां ब्लू और मैजेंटा लाइन के इंटरचेंज पर औसतन करीब 2.7 लाख यात्रियों का दैनिक फुटफॉल दर्ज किया गया, जो कश्मीरी गेट के करीब 2.6 लाख से अधिक था।

मेट्रो नेटवर्क में लगातार बढ़ रहा यात्री दबाव

दिल्ली मेट्रो में यात्री संख्या बढ़ने के साथ अलग-अलग कॉरिडोर पर दबाव भी बढ़ रहा है। जुलाई में केंद्रीय दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कई स्टेशनों के बंद रहने से 20 से 24 जुलाई के बीच औसत दैनिक यात्री यात्राओं में करीब 4.1 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी। 1 से 19 जुलाई के दौरान औसत 65.93 लाख दैनिक यात्री यात्राएं दर्ज हुई थीं, जो 20 से 24 जुलाई के दौरान घटकर करीब 63.26 लाख रह गईं। इस बीच, DMRC नेटवर्क के विस्तार पर भी लगातार काम कर रहा है। नए कॉरिडोर और इंटरचेंज बनने से यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूट बढ़ेंगे और मौजूदा व्यस्त लाइनों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

जुलाई में ब्लू लाइन सबसे आगे

DMRC की जुलाई की ‘Passenger Journey Report’ के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो में रोजाना औसतन 60,95,006 यात्री यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें ब्लू लाइन सबसे ज्यादा यात्रियों वाली लाइन रही। ब्लू लाइन पर प्रतिदिन औसतन 16,66,583 यात्री यात्राएं दर्ज की गईं, जो कुल मेट्रो यात्री यात्राओं का 27.34 फीसदी है।

येलो लाइन 16,12,119 औसत दैनिक यात्री यात्राओं के साथ दूसरे स्थान पर रही। इसका कुल हिस्सेदारी में योगदान 26.44 फीसदी रहा। यानी जुलाई में ब्लू लाइन पर येलो लाइन की तुलना में रोजाना औसतन करीब 54,464 अधिक यात्री यात्राएं दर्ज हुईं।

रेड लाइन 6,49,411 औसत दैनिक यात्री यात्राओं के साथ तीसरे स्थान पर रही। इसके बाद पिंक लाइन ने वायलेट लाइन को पीछे छोड़कर चौथा स्थान हासिल किया। पिंक लाइन के सर्कुलर कॉरिडोर के रूप में विकसित होने और दिल्ली के कई प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों को जोड़ने से इसकी यात्री संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ब्लू लाइन की बढ़ती अहमियत

ब्लू लाइन दिल्ली के पश्चिमी हिस्से को मध्य दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ती है। द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी और वैशाली तक फैला यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आवासीय, कारोबारी और रोजगार क्षेत्रों को जोड़ता है। यही वजह है कि इस लाइन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। जुलाई के आंकड़े यह भी बताते हैं कि दिल्ली मेट्रो में यात्री आवागमन का केंद्र तेजी से बहु-केंद्रित हो रहा है। नोएडा, द्वारका और पूर्वी दिल्ली जैसे इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या का सीधा असर ब्लू लाइन के यात्री आंकड़ों पर दिखाई देता है।

नमो भारत ने भी बढ़ाया ब्लू लाइन का यात्री दबाव

ब्लू लाइन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के पीछे नमो भारत (RRTS) कनेक्टिविटी भी एक अहम वजह मानी जा रही है। मेरठ से सराय काले खां के बीच संचालित नमो भारत कॉरिडोर के आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशन सीधे ब्लू लाइन से जुड़े हैं। मेरठ, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से दिल्ली आने वाले यात्री नमो भारत के जरिए न्यू अशोक नगर या आनंद विहार पहुंचने के बाद आगे के सफर के लिए ब्लू लाइन मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासतौर पर नोएडा, द्वारका, मध्य दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह इंटरचेंज एक महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है।

इस इंटरकनेक्टिविटी ने RRTS और दिल्ली मेट्रो के बीच यात्री आवागमन को मजबूत किया है। नमो भारत से आने वाले यात्रियों का एक बड़ा हिस्सा ब्लू लाइन के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच रहा है। ऐसे में ब्लू लाइन की बढ़ती दैनिक यात्री संख्या को दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग ट्रांजिट नेटवर्क के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के असर से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m