बाढ़। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत उमानाथ गंगा घाट पर गुरुवार को एक नाव हादसा हुआ। गंगा नदी की तेज धाराओं और अचानक चली तेज हवाओं के कारण एक नाव बीच धार में पलट गई, जिससे उस पर सवार 14 से 15 लोग नदी के गहरे पानी में समा गए। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी पीड़ित गंगा पार स्थित दियारा इलाके में सब्जी तोड़ने के लिए जा रहे थे। नाव अभी घाट से कुछ ही दूर पहुंची थी कि अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज हवाओं के बीच नाव का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते नाव पानी में उलट गई। नाव पर सवार सभी लोग गहरे पानी में जा गिरे। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन बचाव कार्य शुरू किया।




बचाव कार्य और प्रशासनिक तत्परता
स्थानीय लोगों और नाविकों के संयुक्त प्रयास से सात लोगों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया, जिनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाढ़ के थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, सीडीपीओ रामकृष्ण, एसडीएम गरिमा लोहिया और अंचल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह समेत पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
प्रशासन की ओर से मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को विशेष रूप से राहत और बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है। गोताखोरों की टीम लगातार नदी में डूबे हुए पांच लोगों की तलाश कर रही है। अब तक की कार्रवाई में एक महिला और एक युवक का शव बरामद किया जा चुका है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शेष पांच लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।
शोक का माहौल और जांच
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और परिजनों की भीड़ जमा हो गई है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। पुलिस फिलहाल प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है ताकि हादसे के सटीक कारणों और नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की संभावनाओं की जांच की जा सके। एसडीएम गरिमा लोहिया ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे घाट क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

