सोनीपत (संजीव घनगस): सोनीपत के मशहूर मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय (MNSS), राई में एक बेहद दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। बता दें कि यहां हिंदी विभाग की तरफ से जूनियर वर्ग के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता रखी गई थी। मुकाबला इस बात पर था कि आखिर पढ़ाई के लिए ‘किताबें बेहतर हैं या इंटरनेट’। बच्चों ने जिस बेबाकी से अपनी बात रखी, उसने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।

मैदान में भिड़े चार सदन, इंद्र सदन ने मारी बाजी

इस प्रतियोगिता में विद्यालय के अलग-अलग सदनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दरअसल, हर छात्र अपने पास पुख्ता तर्क लेकर आया था। कोई किताबों की खुशबू और गहराई की वकालत कर रहा था, तो कोई इंटरनेट की रफ़्तार और दुनिया भर की जानकारी को जरूरी बता रहा था। अंत में परिणामों की घोषणा हुई। इंद्र सदन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। सोम सदन को दूसरे और वरुण सदन को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। सूर्य सदन इस मुकाबले में चौथे नंबर पर रहा।

प्रधानाचार्य ने थपथपाई बच्चों की पीठ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं निदेशक रामधारी शर्मा मौजूद रहे। गौरतलब है कि उन्होंने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि वाद-विवाद सिर्फ बोलना नहीं, बल्कि अपनी सोच को निखारने का जरिया है। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए कहा कि किताबों और इंटरनेट, दोनों का अपना महत्व है, लेकिन सही जानकारी चुनना सबसे बड़ी कला है।

जजों ने दी भविष्य के लिए सीख

प्रतियोगिता की निर्णायक मंडली में शामिल नीलम अहलावत, विनोद शर्मा और सुमित वर्मा ने भी बच्चों की जमकर हौसला अफजाई की। मैदानी सूत्रों ने बताया कि जजों ने बच्चों के बोलने के अंदाज और उनकी बॉडी लैंग्वेज की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ही बच्चों के अंदर का डर खत्म होता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।