पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को आयोग ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षाओं को रद्द करने का आधिकारिक निर्णय लिया। यह फैसला परीक्षा के दौरान सामने आई गड़बड़ियों और कदाचार की शिकायतों के बाद लिया गया है।

​8 FIR और 32 अभ्यर्थियों पर आजीवन प्रतिबंध

​परीक्षा के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए जिला प्रशासन ने विभिन्न केंद्रों पर नकल की कोशिशों को नाकाम किया था। जांच में पाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों और अभ्यर्थियों ने मिलकर ब्लूटूथ व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए सेंधमारी की योजना बनाई थी। इस मामले में कुल 6 जिलों में 8 FIR दर्ज की गई हैं। आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है, जो अब भविष्य में BPSC की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

​पेपर लीक का प्रमाण नहीं, फिर भी कड़ा फैसला

​आयोग ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में प्रश्न-पत्र लीक होने या सोशल मीडिया पर वायरल होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। न ही किसी सेंटर से पेपर की सीरीज बाहर आने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और कुछ केंद्रों पर हुई संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आयोग ने परीक्षा की गरिमा बचाने के लिए इसे रद्द करना ही उचित समझा।

​कौन-कौन सी परीक्षाएं हुईं प्रभावित?

  • ​BPSC द्वारा जारी सूचना के अनुसार निम्नलिखित परीक्षाएं रद्द की गई हैं:
  • ​सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (Advt. No. 87/2025): 14 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच आयोजित सभी 9 पालियों की परीक्षा रद्द।
  • ​सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (Advt. No. 108/2025): 23 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा रद्द।

​आगे क्या?

​इस परीक्षा के लिए करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। आयोग ने आश्वासन दिया है कि नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।