दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के ​नर्मदापुरम में गुरुवार दोपहर नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट परिसर उस वक्त अखाड़ा बन गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के करीब 100 छात्र-छात्राएं सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते हुए गेट नंबर 2 के अंदर तक घुस गए। छात्रों का गुस्सा लॉ कोर्स बंद होने को लेकर था, लेकिन कलेक्ट्रेट के “नो-गो ज़ोन” में घुसकर नारेबाजी करना अब उन पर भारी पड़ता दिख रहा है। ​इस पूरे मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कह दिया कि कलेक्ट्रेट के अंदर इस तरह का प्रदर्शन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले CRPC की धारा 144 थी) का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए कोतवाली थाने को पत्र लिखा जाएगा।

READ MORE: कियोस्क मंजूरी के बदले रिश्वत: सेंट्रल बैंक का सहायक प्रबंधक पकड़ाया, CBI ने 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथ दबोचा  

पूरा फसाद शासकीय नर्मदा महाविद्यालय के विधि (Law) विभाग से जुड़ा है। जहाँ कॉलेज में साल 1998 से 3 वर्षीय लॉ कोर्स सफलतापूर्वक चल रहा था। फिर सत्र 2022-23 से यहाँ 5 वर्षीय BA-LLB पाठ्यक्रम शुरू किया गया। लेकिन इस बार बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ने आगामी सत्र के लिए अनुमति नहीं दी है। कॉलेज प्रशासन Bar Council of India (BCI) से मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहा है, जिससे नए सत्र में BA-LLB के एडमिशन लटक गए हैं। ​इसी भविष्य के अंधकार को देख छात्र शक्ति का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार दोपहर को भारी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता शासकीय नर्मदा महाविद्यालय में इकट्ठा हुए। वहाँ से गगनभेदी नारों के साथ रैली निकालते हुए छात्र सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के गेट नंबर 2 पर घंटों तक छात्रों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। काफी देर चले हंगामे के बाद प्रशासन ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर बुलाया और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन लिया। छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि, अगर विधि पाठ्यक्रम को विधिवत तरीके से दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो विद्यार्थी परिषद इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करेगी।

READ MORE: पूर्व IAS नियाज खान का बड़ा बयान: देश में ‘जबरन नसबंदी’ की उठाई मांग, मुस्लिमों को लेकर कही यह बात

अब इस पूरे मामले में दो बड़ी बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां छात्रों के भविष्य का सवाल है और उनकी मांग जायज नजर आती है, वहीं दूसरी तरफ कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाना भारी पड़ सकता है। लगभग 100 छात्र-छात्राओं का कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर जाकर प्रदर्शन करना कानूनन गलत माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार छात्रों की मांग मानकर लॉ कॉलेज के एडमिशन दोबारा शुरू करवाती है, या फिर एडीएम के पत्र के बाद कोतवाली पुलिस इन छात्र नेताओं पर धारा 163 के तहत कानूनी शिकंजा कसती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m