Bihar News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में प्रशिक्षण ले रहा एक टेक्नीशियन भी शामिल है।

EOU का दावा है कि वह इस कथित नेटवर्क का प्रमुख सदस्य है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नालंदा जिले के नुरसराय थाना क्षेत्र के ककड़िया निवासी रौशन कुमार (22) और सोहसराय थाना क्षेत्र के तलाब पर 17 नंबर निवासी आकाश कुमार (25) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

25 लाख रुपये में तय हुई थी डील

EOU के अनुसार, BPSC की विज्ञापन संख्या 87/2025 के तहत आयोजित AEDO परीक्षा में एक अभ्यर्थी श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। जांच में आकाश कुमार, चंदन कुमार, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक कंपनी के वेंडर और जिला समन्वयक समेत कई लोगों की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकृत बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की जगह फर्जी पहचान पत्र के जरिए दूसरे व्यक्ति को तैनात किया गया। इसके बाद कथित तौर पर होलोग्राम पर्ची के बीच उत्तर कुंजी छिपाकर परीक्षार्थी तक पहुंचाई गई।

खुद भी AEDO परीक्षा का अभ्यर्थी था रौशन

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार रौशन कुमार स्वयं भी AEDO परीक्षा का अभ्यर्थी था और उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। EOU का आरोप है कि उसने अपने केंद्र पर भी बायोमेट्रिक स्टाफ के साथ कथित सेटिंग की थी। भागलपुर में ब्लूटूथ डिवाइस से उत्तर पहुंचाने की कोशिश EOU के अनुसार, रौशन कुमार अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ भागलपुर भी गया था, जहां ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पिछले चार से पांच वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था।

कई भर्ती परीक्षाओं में भी मिले धांधली के संकेत

जांच एजेंसी ने दावा किया है कि केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी कथित सेटिंग के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा झारखंड CGL परीक्षा और बिहार के कुछ ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में भी धांधली के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

NEET-UG और अमीन भर्ती परीक्षा से भी जुड़े तार

EOU के अनुसार, पूर्व में NEET UG-2023 मामले में गिरफ्तार आकाश कुमार और रौशन कुमार के संबंध में यह जानकारी मिली है कि उन्होंने एक अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर उसे पास कराने का प्रयास किया था। संबंधित अभ्यर्थी की पहचान की जा रही है।

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