राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। जनपद पंचायत छतरपुर में पदस्थ रही तत्कालीन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीलम तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के एक मामले में विशेष/अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें 3 साल के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। लोकायुक्त पुलिस ने 6 साल पुराने इस रिश्वतकांड का पर्दाफाश करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ा था।
यह था पूरा मामला?
फरीयादी जितेंद्र सिंह के अनुसार, 13 शौचालयों के निर्माण का भुगतान या प्रक्रिया से जुड़ा मामला था, जिसमें प्रति शौचालय 500 रुपये की हिसाब से रिश्वत मांगी गई थी। आरोपी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीलम तिवारी पहले ही 1,000 रुपये बतौर पूर्व भुगतान ले चुकी थीं। शेष राशि 5,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए 18 फरवरी 2020 को लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें ट्राॅप कर पकड़ा था।
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का तीखा हमलाः बोले- ‘उत्सव से फुर्सत
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी
लंबे समय से चली आ रही सुनवाई के बाद छतरपुर न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर नीलम तिवारी को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी माना और यह सजा सुनाई। भ्रष्टाचार के मामलों में समयबद्ध कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के ऐसे कठोर निर्णयों से प्रशासनिक अमले में भ्रष्टाचार करने वालों के बीच कड़ा संदेश जाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



