गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि फूड्स के 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर अदालत उन्हें सजा देकर जेल भेजती है तो वह जमानत नहीं कराएंगे और खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जागरूकता की बात कही.
गोंडा. पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से दायर 50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले पर प्रतिक्रिया दी है. 18 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के बीच उन्होंने गोंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर कई सवाल उठाए.
बृजभूषण सिंह ने कहा कि अगर अदालत उन्हें सजा देती है और जेल भेजती है तो वह जमानत नहीं कराएंगे. उन्होंने कहा कि जेल जाने से भी खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ सकती है.
घी को लेकर सवाल
बृजभूषण सिंह ने बाबा रामदेव से उनकी गायों के बारे में सवाल किया और कहा कि कोई यह दिखा दे कि ये गायें रामदेव की हैं. उन्होंने पतंजलि के स्टोर पर बड़ी मात्रा में घी उपलब्ध होने का दावा करते हुए उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों से सामग्री लाकर उसे रिफाइन करने और मिलाने के बाद बेचा जा रहा है. हालांकि, ये बृजभूषण सिंह के आरोप हैं और इन्हें अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता. पतंजलि फूड्स ने उनके बयानों को लेकर ही मानहानि का दावा दायर किया है.
50 करोड़ का मामला
पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया है. विवाद की पृष्ठभूमि में पतंजलि के उत्पादों, खासकर घी की गुणवत्ता को लेकर पूर्व सांसद की सार्वजनिक टिप्पणियां हैं. कंपनी का पक्ष है कि इन बयानों से उसकी ब्रांड छवि और कारोबार को नुकसान पहुंचा.
मामला पहले इंदौर की जिला अदालत में पहुंचा था और बाद में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े मुद्दों के बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ तक पहुंचा. 15 सितंबर की सुनवाई में बृजभूषण सिंह की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था, जिसके बाद 18 सितंबर को अगली सुनवाई तय हुई थी.
जेल जाने की बात
बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह अदालत के आदेश का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जेल जाना पड़ा तो वह जमानत नहीं कराएंगे और इसे नकली मिठाई, मावा, खोवा, दही और तेल जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जागरूकता फैलाने के अवसर के तौर पर देखते हैं.
उन्होंने कहा कि मिलावट करने वाले केवल एक व्यक्ति या कंपनी तक सीमित नहीं हैं और सरकार को नकली खाद्य पदार्थों के विषय को गंभीरता से लेना चाहिए.
पुराने मामले का जिक्र
मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण सिंह ने पतंजलि के कुछ उत्पादों को लेकर पुराने मामलों और विदेशों में उत्पादों पर लगी पाबंदियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने पिथौरागढ़ में सामने आए पुराने मामले का जिक्र करते हुए पतंजलि पर लगाए गए जुर्माने की बात कही.
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए पतंजलि घी के नमूने की दोबारा जांच में भी मानकों पर खरा नहीं उतरने की बात सामने आई थी और बाद में अदालत ने कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. यह मामला 2020 में लिए गए नमूने से जुड़ा था.
बृजभूषण सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के बीच ऐसे उत्पादों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.



