प्रमोद कुमार, कैमूर। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल सोमवार (8 जून को) कैमूर पहुंचे थे। नीतीश कुमार बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान के पैतृक गांव नौघरा पहुंचे थे, जहां उन्होंने जमा खान की मां से मुलाकात की थी। मंत्री के मां की तबियत खराब थी, जिनसे मुलाकात कर नीतीश ने उनका हालचाल लिया। नीतीश कुमार के कैमूर आगमन पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

नीतीश ने कार्यकर्ताओं से नहीं की मुलाकात

दरअसल नीतीश कुमार सड़क मार्ग से कैमूर पहुंचे थे। हालांकि इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं किया, जिसे लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता भी नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए नजर आ रहे हैं। बसपा बिहार मुख्य जोन के प्रभारी संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार बिहार के जनता से जो वादा कर मुख्यमंत्री बने वो आज तक पूरा नहीं हुआ और बिहार छोड़ केंद्र में चले गए।

‘बेराजगारी और पलायन नहीं रोक पाए नीतीश’

संतोष कुमार ने कहा कि, चुनाव के समय हर महिलाओं को दो-दो लाख रुपया देने का वादा किया पर दिया नहीं। उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार ने 20 साल तक बिहार की सत्ता चलाई, लेकिन बेरोजगारी, पलायन पर रोक नहीं लगा पाए। आज भी बेरोजगारी के कारण युवा घर परिवार छोड़ कर दूसरे राज्य में कमाने के लिए मजबूर हैं, जो युवक पढ़ाई कर रहे हैं, उनके परीक्षा का पेपर लीक हो जा रहा है।

समय आने पर जनता सिखाएगी सबक

संतोष कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि, बीएसपी के टिकट पर चुनाव जीतक जमा खान आज पार्टी बदल कर मंत्री बने हुए हैं। समय आने पर जनता सबको सबक सिखाएगी। बिहार से लेकर केंद्र सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। बता दें कि जमा खान 2020 के विधानसभा चुनाव में कैमूर के चैनपुर सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी। लेकिन बाद में वह अपना पाला बदलते हुए जदयू में शामिल हो गए थे।

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