गोंडा. पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने 2023 के पहलवान आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुश्ती संघ से उन्हें हटाने के लिए एक राजनीतिक साजिश रची गई थी. ब्रज भूषण ने इस साजिश के पीछे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के परिवार का हाथ होने का आरोप लगाया है.
गोंडा स्थित अपने आवास पर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्रज भूषण शरण सिंह ने कहा कि WFI में विरोधी गुट को हराने के बाद उनके खिलाफ माहौल बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि यह विवाद साल 2012 से चली आ रही राजनीतिक और संगठनात्मक लड़ाई का नतीजा था.
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“2012 से चल रही थी राजनीतिक लड़ाई”
ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि जब वह साल 2012 में भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बने थे, तब हरियाणा से जुड़े एक गुट ने इसका विरोध किया था. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी अध्यक्ष पद के चुनाव में उनके सामने थे. पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि इसी पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते बाद में उनके खिलाफ आंदोलन खड़ा किया गया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीतिक रंग दिया गया और विपक्षी दलों ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की.
महिला पहलवानों के आरोपों पर फिर उठाए सवाल
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि कुछ पहलवानों पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ शिकायतें कराई गईं. उन्होंने कहा कि दिल्ली की अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने से उनका पक्ष मजबूत हुआ है. उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस पूरे मामले का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया.
“42 लोग थे साजिश में शामिल”
ब्रज भूषण शरण सिंह ने दावा किया कि उनके खिलाफ रची गई साजिश में करीब 42 लोग शामिल थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उद्योगपतियों ने भी इस मामले में आर्थिक सहयोग किया. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कुश्ती खिलाड़ियों के लिए कई सुधार किए गए थे. इनमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, प्रशिक्षण शिविर और चयन प्रक्रिया में बदलाव शामिल थे. उनके मुताबिक कुछ लोग इन सुधारों से नाराज थे.
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जंतर-मंतर आंदोलन और राजनीतिक बयान
बता दें कि साल 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई बड़े पहलवानों ने ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया था. करीब एक महीने से अधिक चले आंदोलन के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि इस विवाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की छवि प्रभावित हुई. उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत स्थिति में आने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करना पड़ सकता है.


