कैथल के कलायत में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा विशाल छबील का आयोजन किया गया। तपती गर्मी में सैकड़ों राहगीरों और वाहन चालकों ने ठंडा जल पीकर अपनी प्यास बुझाई।

सूबे सिंह मोर, कैथल। जिले के कलायत कस्बे में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मानवता और सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। शुक्रवार को मुख्य रेलवे रोड पर स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा विशाल छबील का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए सुबह से ही सेवादार सक्रिय नजर आए। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों, वाहन चालकों और आमजन को रोक-रोकर ठंडा एवं मीठा जल पिलाया गया। महात्मा बुद्ध के जन्मोत्सव पर आयोजित इस सेवा कार्य ने तपती धूप में सफर कर रहे लोगों को बड़ी राहत प्रदान की।

शांति और करुणा के संदेश को समर्पित सेवा

छबील के आयोजन में जुटे युवाओं और श्रद्धालुओं ने बताया कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महात्मा बुद्ध के शांति, करुणा और दया के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। सेवादारों ने कहा कि बुद्ध ने हमेशा जीव मात्र पर दया करने का मार्ग दिखाया है, और इस भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म है। सुबह से शुरू हुई यह छबील दोपहर बाद तक निरंतर चलती रही। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने युवाओं के इस उत्साहपूर्ण प्रयास की जमकर सराहना की। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पूर्ण पालन किया गया और सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इन प्रमुख सेवादारों ने निभाया अपना उत्तरदायित्व

इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में अशोक गोयल, मोनू वर्मा, विजेंदर राणा लोगी, दीप भट, प्रदीप छोटा, विपिन, पंडित जयभगवान, अश्वनी भट्ट, मंगत वर्मा, बंसीधर, विपुल उस्ताद, भाविक, लोकेश और बादल राणा जैसे प्रमुख सेवादारों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी सेवादारों ने एकजुट होकर ‘सेवा ही परमो धर्म’ के संकल्प के साथ राहगीरों की सेवा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से समाज में भाईचारे और परोपकार की भावना को बल मिलता है।