मुकेश मेहता, बुधनी। मध्य प्रदेश के बुधनी के रेहटी वन परिक्षेत्र से जंगलों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खोलेने वाली एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। रेहटी के घने जंगलों में सागौन के पेड़ों की अंधाधुंध अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग की टीम को जांच के दौरान मौके पर सागौन के ताजे कटे हुए पेड़ों के ठूंठ मिले हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रहे अवैध कटाई के खेल का पर्दाफाश हुआ है।
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कंपार्टमेंट-530 में मिले कटे पेड़ों के ठूंठ
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेहटी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ढाबा बीट के कंपार्टमेंट क्रमांक 530 के करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई को अंजाम दिया गया है। जब इस मामले की सूचना मिलने पर पड़ताल की गई, तो नदी के दूसरी ओर अलग-अलग स्थानों पर सागौन के कई पेड़ों के ताजा कटे हुए ठूंठ बरामद हुए। मौके पर पेड़ों को काटकर लकड़ी तैयार किए जाने के स्पष्ट संकेत भी मिले हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि तस्करों द्वारा जंगल को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर घने जंगल में इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किसके संरक्षण या मिलीभगत से हो रही थी? क्या वन विभाग के मैदानी अमले को इसकी भनक पहले से नहीं थी, या फिर तस्कर विभाग की आंखों में धूल झोंककर जंगल को उजाड़ रहे थे? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि क्षेत्र में लंबे समय से इस प्रकार की अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तस्करों से जुड़ी दो मोटरसाइकिलें भी जब्त किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कटाई पर पूरी तरह अंकुश न लग पाना विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि वन विभाग की जांच में किन-किन तस्करों और लापरवाह कर्मियों के नाम सामने आते हैं और प्रशासन इन पर क्या सख्त कार्रवाई करता है।
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