First Minister Resigns In 12 Years Modi Government: ‘कॉकरोचों’ के सामने मोदी सरकार झुक गई है। कॉकरोच आंदोलन के आगे झुकते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा (Dharmendra Pradhan Resignation) दे दिया है। इसी के साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। खास बात यह है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पहले भी कॉकरोच आंदोलन से ज्यादा बड़ा सीएए आंदोलन (CAA movement) और किसान आंदोलन (Farmers movement) था। इसके बाद भी किसान और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी सरकार में किसी भी मंत्री का इस्तीफा नहीं दिलवा सके थे। सरकार लंबे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद अपने किसी केंद्रीय मंत्री को हटाने के लिए तैयार नहीं हुई थी। वहीं कॉकरोचों’ ने पूरा गेम बदल दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक विवाद सिर्फ परीक्षा की गड़बड़ी तक सीमित नहीं था। बीते महीने से ये देश की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल बन चुका था। जंतर मंतर पर हफ्तों से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का प्रदर्शन, संसद का लगातार ठप होना, विपक्ष का सड़क पर उतरना। इन सबके बाद अब खुद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
बता दें कि यह पूरा विवाद मई 2026 में शुरू हुआ था। 3 मई 2026 को देशभर में NEET UG परीक्षा हुई थी, जिसमें करीब 22 से 24 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के कुछ दिन बाद, यानी 7 मई के आसपास, शिकायतें आने लगीं कि गेस पेपर के नाम पर असली सवाल पहले ही लीक हो चुके थे। इन शिकायतों के बाद हड़कंप मच गया और 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसके साथ ही CBI ने भी मामले की जांच शुरू की थी। 15 मई को खुद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस ब्रीफिंग में यह स्वीकार किया कि पेपर लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी कमांड चेन में हुई एक चूक की वजह से हुईय़ इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से बना कॉकरोच जनता पार्टी
15 और 16 मई को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी वायरल हो गई, जिसमें उन्होंने कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया था। इसी टिप्पणी से प्रेरित होकर 16 मई को अभिजीत दिपके नाम के व्यक्ति ने मजाकिया अंदाज में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP नाम का एक संगठन बनाया। कुछ ही दिनों में इससे लाखों लोग जुड़ गए। जैसे ही NEET परीक्षा रद्द होने की खबर आई, यह मंच युवाओं के गुस्से और आक्रोश को जाहिर करने का सबसे बड़ा जरिया बन गया। जून के महीने में यह आंदोलन और तेज हो गया।

6 जून को CJP का पहला बड़ा प्रदर्शन
6 जून को CJP ने अपना पहला बड़ा प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर किया। प्रदर्शनकारियों की तीन मुख्य मांगें थीं। पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी, परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार हो और तीसरी, जिन छात्रों ने इस तनाव के चलते आत्महत्या कर ली, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए। 20 जून से यह प्रदर्शन और गंभीर हो गया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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