पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के बाद सरकार के इस आदेश के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी. एयरपोर्ट अथॉरिटीज ने सिक्योरिटी रिस्क बताते हुए नमाज रोक दी है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे के पास स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है.

गुरुवार को हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण राव की बेंच ने उस केस में सवाल-जवाब सेशन के बाद कोई इंटरिम ऑर्डर जारी नहीं किया.

कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने पर पिछली 11 जुलाई 2026 से पश्चिम बंगाल सरकार ने रोक लगा दी है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कही गयी कि करीब 40-50 साल से कोलकाता एयरपोर्ट के पास वाली मस्जिद में नमाज पढ़ी जा रही है. वह नमाज पिछली 11 जुलाई से बंद है.

वहीं, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल सरकार अलावे एयरपोर्ट अथॉरिटीज ने सिक्योरिटी रिस्क बताते हुए नमाज रोक दी है.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एयरपोर्ट के रनवे के पास स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है.

बुधवार को जस्टिस कृष्ण राव की सिंगल बेंच के वकील किशोर दत्ता ने बताया कि जिन मस्जिदों में 40-50 साल से नमाज पढ़ी जा रही है, वहां नमाज पढ़ना बंद कर दिया गया है. किशोर दत्ता ने दावा किया कि जमीन अभी एक्वायर नहीं हुई है.

CM शुभेन्दु ने कहा कि हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि सरकार किसी को भी धर्म मानने से नहीं रोक रही है, लेकिन नेशनल सिक्योरिटी और एयरपोर्ट की सिक्योरिटी पहले आनी चाहिए.

एयरपोर्ट की तरफ से वकील गोपाल मुखोपाध्याय ने कहा कि उस मस्जिद में सिर्फ नमाज ही नहीं बल्कि मीटिंग भी होती थी. उन्होंने शिकायत की कि लोग रनवे पर भी घुस गए. उन्होंने सिक्योरिटी प्रॉब्लम का जिक्र किया.

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