कनाडा की लेखिका ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार मिला है। नोबेल समिति ने उन्हें यह सम्मान उनकी ऐसी रचनाओं के लिए दिया है, जिनमें उन्होंने पुराने ग्रीक-रोमन साहित्य और परंपराओं को नए तरीके से पेश किया है। उन्होंने साहित्य लिखने के नए तरीके भी विकसित किए हैं। नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर यानी करीब 11.5 करोड़ रुपए है।
पिछले 10 साल में महिलाओं को मिला साहित्य नोबेल
पिछले 10 साल में साहित्य का नोबेल 10 लेखकों को मिला, जिनमें 4 महिलाएं थीं। इनमें 6 ने अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषाओं में लिखा, जबकि 6 विजेता यूरोप से रहे। 2024 में दक्षिण कोरिया की हान कांग एशिया से पुरस्कार जीतने वाली लेखिका थीं। इस दौरान दक्षिण एशिया से कोई लेखक नहीं जीता। हर साल स्वीडिश अकादमी नॉमिनेशन मंगाती है। इसमें अकादमी के सदस्य, साहित्य और भाषा के प्रोफेसर, पूर्व नोबेल विजेता और लेखक संगठनों के प्रमुख नाम भेज सकते हैं। लेखक खुद को नामांकित नहीं कर सकते। नोबेल कमेटी पहले 15 से 20 नाम चुनती है, फिर मई में इन्हें 5 उम्मीदवारों तक सीमित किया जाता है। इसके बाद स्वीडिश अकादमी के 18 सदस्य वोटिंग से विजेता चुनते हैं।
50 साल तक गोपनीय रहता है नॉमिनेशन
स्वीडिश अकादमी नोबेल के नामांकित लेखकों की लॉन्गलिस्ट या शॉर्टलिस्ट जारी नहीं करती। नॉमिनेशन से जुड़ी जानकारी 50 साल तक गोपनीय रहती है। इसलिए 2026 में किन लेखकों को नामांकित किया गया, इसकी पूरी जानकारी 2076 में सामने आएगी। नोबेल रिकॉर्ड के मुताबिक, सरवपल्ली राधाकृष्णन, श्री अरविंद, ताराशंकर बंद्योपाध्याय और आरके नारायण जैसे भारतीय लेखकों को अलग-अलग वर्षों में साहित्य नोबेल के लिए नामांकित किया गया था।
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