शब्बीर अहमद, भोपाल। हाल ही में मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया था जब खुफिया सूचना के आधार पर RPF और GRP ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिहार से आ रही एक ट्रेन से 167 मुस्लिम बच्चों को उतार लिया। मामला संदिग्ध होने के कारण इसे मानव तस्करी के एंगल से जोड़कर देखा गया। आशंका जताई गई की इन बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र मजदूरी या अन्य संदिग्ध उद्देश्य के लिए ले जाया जा रहा है। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उनके निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेजों को खंगालने लगी और बच्चों को प्रशासन की देखरेख में सुरक्षित रखा गया। वहीं इस मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

बच्चे नहीं पहुंचे घर: आरिफ मसूद

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का कहना है कि पिछले 12 दिनों से बच्चे और उनके परिजन परेशान हैं। परिजनों के पहुंचने और उनसे पूछताछ के बाद भी बच्चे अबतक घर नहीं पहुँचे हैं। आरिफ मसूद ने कहा कि इतने दिन से बच्चे CWC के पास हैं उनके मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा।

गलत सूचना देने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी: आरिफ मसूद

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रशासन से पूछा है कि बच्चों को कटनी और जबलपुर में अलग-अलग स्थानों पर क्यों रखा गया है। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि क्या गलत जानकारी देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे सभी बच्चे

पूछताछ के दौरान बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नाम के शख्स ने खुद को महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक मदरसे का शिक्षक बताया। सद्दाम का दावा है कि वह बिहार के अररिया जिले से इन बच्चों को शिक्षा के लिए लातूर ले जा रहा था। उसके ग्रुप में 100 बच्चे हैं जबकि कुछ बच्चे अन्य लोगों के साथ थे। जिसके बाद प्रशासन इन दावों की सत्यता और कानूनी दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रहा है।  

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