अनमोल मिश्रा, सतना। जिले के मझगवां ब्लॉक अंतर्गत सुरांगी गांव में गंभीर कुपोषित मासूम की इलाज के दौरान मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य स्तरीय टीम के निरीक्षण के दौरान अस्पताल से लेकर फील्ड स्तर पर मिली खांमियों को गंभीरता से लेते हुए नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने डीपीएम राकेश कर्ष, मझगवां बीएमओ डॉ रुपेश सोनी, डीसीएम डॉ ज्ञानेश मिश्रा, बीसीएम देवमुनी पटेल के साथ मझगवां ब्लॉक के ही उपस्वास्थ्य केन्द्र अर्जुनपुर में पदस्थ कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को नोटिस देकर 7 दिन में जवाब-तलब किया है। 

संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में विमला प्रजापति के दो बच्चे सुप्रांशी और नैतिक गंभीर कुपोषित की श्रेणी में मिले थे। दोनों को इलाज के लिए पहले मझगवां फिर जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सुप्रांशी की मौत हो गई थी। कुपोषण से मौत का मामला सामने आने के बाद भोपाल की टीम ने मझगवां पहुंचकर निरीक्षण किया था। 

प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर से भी जवाब-तलब

अपर मिशन संचालक ने जिला अस्पताल के लेबर रूम की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर को भी नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। बता दें कि 29 और 30 अप्रैल को राज्य स्तरीय टीम ने जिला अस्पताल के लेबर रूम का औचक निरीक्षण किया था जिसमें लेबर रूम में 13 टेबल के बीच एसी बंद मिले थे। न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर भी अक्रियाशील मिले थे।

नवजात शिशुओं के प्रबंधन में भी लापरवाही मिली थी। नर्सिंग स्टाफ रेडिएंट वार्मर का उपयोग करने में अक्षम पाया गया था। उपकरण और दीवारों में धूल जमी मिली थी। इतना ही नहीं एक प्रसूता को प्रसव के बाद 48 घंटे तक लेबर रूम में ही रखे जाने का मामला भी टीम ने पकड़ा था। नर्सिंग ऑफिसर को जवाब देने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है।

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