शिखिल ब्यौहार/ शब्बीर अहमद, भोपाल। Twisha Suicide Case: ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में जैसे-जैसे दिन बढ़ते जा रहे हैं, परिवार वालों की उम्मीद कम होती नजर आ रही है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद कम है। इस बीच कटारा पुलिस ने एम्स की ओर से लिखा पत्र ट्विशा के परिजनों को भेजा है जिसमें शव के डीकंपोज होने की जानकारी दी गई है। आज पोस्टमार्टम 2 के आवेदन पर सुनवाई होनी है। दिल्ली केस में ट्रांसफर करने पर भी सुनवाई होगी।
ट्विशा के भाई ने कहा- न्याय और सच हार जाता है
ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कहा, ‘हम जानते हैं केस में क्या होगा? अब तक क्या हुआ? एक शतरंज में फंसे गए हैं, यह फसाया गया है। न्याय की उम्मीद कम ही है। पहले पुलिस PM 02 के लिए मान जाती है, फिर न्यायालय में बात की जाती है। अब कह रहे हैं बाडी डीकंपोज हो रही है। हमें पता है कि फैसला तो इस सुनवाई का पहले दिन से ही सुरक्षित है लेकिन हमारे पास कुछ करने के लिए नहीं। जो जज हैं पुलिस धाराएं, कानून, एप्रोच सब जानते हैं। हमारे पास सिर्फ आप लोग हैं जो हमारी आवाज को पहुंचा रहे हैं। आप समझ रहे हैं की मेरी बहन की लाश इतने दिन बाद भी एक मर्चुरी में रखी हुई है। हम उसका अंतिम संस्कार तक नहीं कर पा रहे। ताकत के आगे न्याय हार रहा है। इस देश में ऐसी कई मामले रोज होते हैं जब न्याय और सच हार जाता है। उम्मीद हमारी भी कम है।’
विवेक तन्खा ने की CBI जांच की मांग
ट्विशा मौत मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठने लगी है। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने यह मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
ट्विशा सुसाइड केस में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। ट्विशा केस में अब जांच पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सीधी नजर है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखा है। तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही 7 दिन में Action Taken Report (ATR) मांगी है। आयोग ने FIR की धाराओं, आरोपी पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी, पासपोर्ट impoundment, CCTV, कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक सबूतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। पीड़िता के परिवार को किसी भी तरह की धमकी या दबाव से सुरक्षा देने के निर्देश भी दिए हैं।



