चंडीगढ़। पंजाब में विजिलेंस ब्यूरो फिर से सीबीआई के शिकंजे में है. विजिलेंस ब्यूरो पर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की रेड पड़ी है. मुख्यालय पर सोमवार देर रात सीबीआई ने दबिश दी, इससे पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित एक फाइव स्टार होटल में 25 लाख रुपये की कथित रिश्वत डील पकड़ी गई. मामले में विजिलेंस प्रमुख के रीडर इंस्पेक्टर ओपी राणा और कथित बिचौलिया राघव गोयल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. गिरफ्तार बिचौलिये को आज चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा.

खबर है कि एक प्रॉपर्टी और विजिलेंस जांच से जुड़े मामले को रफा-दफा कराने के लिए 25 लाख रुपये की डील तय हुई थी. शिकायतकर्ता तय रकम लेकर होटल पहुंचा था, लेकिन उसके पास 13 लाख रुपये ही थे, जिन्हें सीबीआई ने बरामद कर लिया. एजेंसी पिछले दो दिनों से संबंधित लोगों की बातचीत रिकॉर्ड कर रही थी. बातचीत में कुछ अहम नाम सामने आने के बाद दिल्ली से मंजूरी लेकर कार्रवाई की गई.

राणा का दफ्तर हुआ सील

बताया जा रहा है सीबीआई कि टीम इन पूरे मामले में नजर बनाए हुए थी. होटल में डील के रीडर और मलोट निवासी राघव गोयल भी था, जिसे सीबीआई ने मौके से गिरफ्तार कर लिया. राणा मौके से भाग निकला. इसके बाद सीबीआई टीम सीधे मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पहुंची और राणा के दफ्तर को सील कर दिया. कुछ दस्तावेज, मोबाइल फोन और रिकॉर्ड भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए. मलोट में राघव गोयल के घर पर भी छापेमारी की गई.

आपको बता दें कि यह मामला पिछले साल रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद और गंभीर माना जा रहा है. भुल्लर को सीबीआई ने 28 लाख रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था और उसके ठिकानों से 7 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई थी.

कांग्रेस ने कसा तंज

इस मामले के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों की पोल खोलता है. कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया गया, लेकिन अब उसी विभाग के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आना बेहद गंभीर है.कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खेहरा ने कहा कि यदि सीबीआई को सीधे विजिलेंस मुख्यालय में रेड करनी पड़ी है, तो यह पंजाब सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है. इसी तरह शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुल रही हैं. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास अब पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है.