CBI ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है. सीबीआई ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि RCL के कारण कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को 1,816.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

यह मामला रिलायंस कैपिटल लिमिटेड द्वारा जारी सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर में EPFO के निवेश से हुए बड़े नुकसान और बाद में सामने आई ऐसी सामग्री से जुड़ा है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के खिलाफ EPFO से जुड़े मामले में FIR दर्ज की है. उन पर उनकी कंपनी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के खिलाफ कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करीब 1,816.22 करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले में केस दर्ज किया है. शिकायत में कहा गया है कि EPFO की ओर से सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह शिकायत दर्ज कराई गई है.

यह मामला केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 31 जुलाई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और EPFO को गलत तरीके से वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. अधिकारियों ने शनिवार, 1 अगस्त को इसकी जानकारी दी.

EPFO की शिकायत के आधार पर  रिलायंस कैपिटल को 1,007.55 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि 808.67 करोड़ रुपये की ब्याज देनदारी भी पैदा हुई. इस तरह EPFO ने कुल 1,816.22 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा है.

हालांकि, अनिल अंबानी की तरफ से भी इस मामले पर सफाई आई है. अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है.

CBI की FIR के मुताबिक साल 2013 और 2014 के दौरान रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDS) जारी किए थे. इन्हीं NCDS में EPFO ने अपने कर्मचारियों की जमा पूंजी में से 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था. 

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