सोहराब आलम/ मोतिहारी/पूर्वी चंपारण/पकड़ीदयाल: जिले के पकड़ीदयाल प्रखंड अंतर्गत सिरहा पंचायत के वार्ड संख्या 5, हसनाबाद में जनगणना कार्य को लेकर एक अजीबोगरीब और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। रात के सन्नाटे में जनगणना करने पहुंचे कर्मियों को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
रात 10 बजे दस्तक से भड़के ग्रामीण
घटना के अनुसार रात्रि करीब 10 बजे जब पूरी बस्ती गहरी नींद में थी, तब जनगणना कर्मी मोबाइल की टॉर्च जलाकर घरों में पहुंच गए। अचानक रात के अंधेरे में अनजान लोगों को घर के बाहर देख ग्रामीण सहम गए। निवासियों ने उन्हें चोर समझकर शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आक्रोशित ग्रामीणों ने लाठी-डंडे निकाल लिए और कर्मियों को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया।



मजदूरी कर थकते हैं लोग
स्थानीय निवासी गोरखनाथ साह, रोहित कुमार और दीपक कुमार साह ने घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि हसनाबाद के अधिकांश लोग दिन भर मेहनत-मजदूरी करते हैं और रात को थके-हारे जल्दी सो जाते हैं। इस बेवक़्त और अजीब समय पर जनगणना के नाम पर परेशान करने से लोगों में काफी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जनगणना का समय उचित और मानवीय रखना चाहिए न कि रात के अंधेरे में इस तरह परेशान करना चाहिए।
स्थिति कैसे संभली?
हंगामा बढ़ने के बाद जनगणना कर्मियों ने अपनी पहचान स्पष्ट की और अपने साथ कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर बस्ती में दोबारा पहुंचे। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और मामला सुलझा। बावजूद इसके, कई निवासियों ने सुरक्षा और असुविधा का हवाला देते हुए रात के समय जनगणना संबंधी सवालों के जवाब देने से स्पष्ट इनकार कर दिया।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने जनगणना कार्य के संचालन के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का तर्क है कि रात के 10 बजे जनगणना करना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह सामान्य जनजीवन के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासन द्वारा कार्ययोजना में बदलाव की मांग की जा रही है।

