० करीब 133 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च, यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को मिलेगी रफ्तार
बरकाकाना (रामगढ़)। झारखंड में रेल बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने बरकाकाना-हजारीबाग-कोडरमा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से राज्य में रेल यातायात अधिक सुगम होगा और ट्रेनों के संचालन में आने वाली बाधाएं काफी हद तक दूर होंगी।
वर्तमान में इस पूरे रेलमार्ग पर सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों के परिचालन में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। धनबाद मंडल के एपीआरओ के अनुसार, दोहरीकरण का कार्य प्रक्रिया में है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेल मंत्रालय की योजना के तहत कोडरमा से बरकाकाना तक लगभग 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इस परियोजना पर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है।
यात्रियों और माल परिवहन को मिलेगा लाभ
रेल लाइन के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी और नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता भी खुलेगा। इसके साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से कोयला, खनिज और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में भी गति आएगी, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेलवे का मानना है कि यह परियोजना झारखंड के महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर और समयबद्ध रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।


