अयोध्या. राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी और प्रॉपर्टी विवाद पर पूनम यादव (रामशंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव की पत्नी, चंपत राय के सहयोगी, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) ने कहा सब निराधार है, फंसाने की साजिश है. ऐसा कुछ नहीं है. क्या किसी के पास कोई ठोस सबूत है? वे बस उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, इसमें बिल्कुल कुछ नहीं है. पूनम यादव ने ये भी कहा कि बहुत सारे लोग हैं इन्हीं का नाम? जो बड़े बड़े लोग हैं, छोटे लोग को फंसाया जा रहा है.

पूनम यादव ने कहा कि दावा किया जा रहा है कि 50 कमरे, एक हॉस्टल, एक होटल और लग्जरी कारें हैं—ऐसा कुछ नहीं है. फिर भी, लोग ऐसे बयान दे रहे हैं. अगर ऐसा कुछ छीना गया होता, तो मैं चीख-चिल्लाकर रो रही होती. ऐसा कुछ नहीं हुआ, कोई यहां आया भी नहीं. यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है. उन्हें फंसाया जा रहा है और उनकी छवि खराब की जा रही है. हम पिछले 15 दिनों से बहुत तनाव में हैं, हमें मानसिक तनाव दिया जा रहा है. मैंने वह घर 2008 में खरीदा था. यह 2015 में बना था, राम मंदिर का फैसला आने से पहले, और मेरे पास जो कुछ भी है वह सब पारदर्शी है.”

इसे भी पढ़ें : रामलला का बहुमूल्य हार और चरण पादुका गायब! SIT को नहीं मिला सुराग, चंपत राय के ड्राइवर ने कहा- गलाने के लिए बेंगलुरू भेजा गया था

बता दें कि मामले में एसआईटी की जांच जारी है. जांच के चौथे दिन SIT ने हार और चरण पादुका का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी. इस मामले में टीम ने रामशंकर यादव टिन्नू (चंपत राय के सहयोगी), कृष्णदेव तिवारी और रामलला के चार पुजारियों से पूछताछ की. पुजारी मोहित पांडेय ने SIT को बताया कि उन्होंने हार पहनाने के बाद टिन्नू को वापस कर दिया था. वहीं टिन्नू का दावा है कि हार को ईंट के रूप में गलाने के लिए बेंगलुरु भेजा गया था. अब SIT इस बहुमूल्य हार और चरण पादुका की असली लोकेशन तलाश रही है.