हांसी में लगभग दो महीने से चल रहा चानौत गांव का पेयजल आंदोलन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद सुलझ गया है। सरकार और संघर्ष समिति के बीच बनी सहमति के तहत गांव के लिए अलग पाइपलाइन बिछाने और टी कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है।

नवीन शर्मा, हांसी। लगभग दो महीने से पेयजल की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे चानौत गांव के लोगों को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में सरकार और संघर्ष समिति के बीच सहमति बन गई है। संघर्ष समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की है। बैठक में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और हांसी विधायक विनोद भयाना भी मौजूद रहे।

रेस्ट हाउस में हुई बैठक

हांसी के रेस्ट हाउस में आज बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चानौत गांव की 11 सदस्यीय संघर्ष समिति को आश्वासन दिया कि सबसे पहले गांव के लिए भाखड़ा नहर से अलग पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यदि इसके बाद भी गांव की पेयजल जरूरत पूरी नहीं होती है तो राजली हेड से हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन में 4 इंच का टी कनेक्शन दिया जाएगा।

मिला टी कनेक्शन का आश्वासन

बैठक में निर्णय लिया गया कि गांव को 4 इंच की अतिरिक्त टी कनेक्शन दी जाएगी। टैंक खाली होने की स्थिति में इसी टी कनेक्शन के माध्यम से पानी भरा जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के आश्वासन के बाद धरना समिति ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया। करीब एक घंटे तक चली बैठक में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और हांसी के विधायक विनोद भयाना भी मौजूद रहे।

दो दिन में शुरू होगा काम

मनोहर लाल ने बताया कि दो दिनों के भीतर टी कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। साथ ही, सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अमृत-2 योजना के तहत गांव के लिए अलग पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू होगा, जिसे पूरा होने में करीब एक वर्ष का समय लग सकता है।

दो महीने बाद निकला समाधान

करीब दो महीने से चल रहे इस आंदोलन में ग्रामीणों द्वारा लगातार हांसी की पाइपलाइन से टी कनेक्शन की मांग की जा रही थी। कई दौर की वार्ता, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव, पुलिस तैनाती और नोटिस के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया था। आज बैठक में संघर्ष समिति ने सरकार के प्रस्ताव पर सहमति जताई। समिति का कहना है कि गांव के लोगों से चर्चा के बाद धरना औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया जाएगा।