चंडीगढ़ सेक्टर-26 में विदेश भेजने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है, जहां पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।

चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस ने शहर में बड़े स्तर पर चल रहे इमिग्रेशन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी भोले-भले युवाओं को विदेश में मोटी तनख्वाह वाली नौकरी और वर्क परमिट दिलाने का झूठा झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लेते थे। पुलिस अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह फर्जी इमिग्रेशन गिरोह चंडीगढ़ के सेक्टर-26 जैसे पॉश इलाके में बकायदा अपनी कंसलटेंसी चलाकर इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी रातों-रात अपना आलीशान दफ्तर बंद करके मौके से फरार हो गए थे।

न्यूजीलैंड भेजने का झूठा झांसा

सेक्टर-26 थाना पुलिस को इस फर्जी इमिग्रेशन कंसलटेंसी के खिलाफ लगातार कई गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। परेशान पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें सुरक्षित न्यूजीलैंड भेजने और वहां पर आकर्षक नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल किए थे। पुलिस ने गहन तकनीकी जांच के बाद इस गिरोह के मुख्य संचालक युवराज सावंती और हरनीत वालिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह दोनों आरोपी शहर में ‘द ट्रू कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से अवैध रूप से दफ्तर चला रहे थे और कानूनी कार्रवाई से बचने के रास्ते ढूंढ रहे थे।

लाखों रुपये की बड़ी ठगी

मुख्य शिकायतकर्ता अमित बाली ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपियों ने उन्हें जल्द वर्क परमिट लगवाने और विदेश में सैटल कराने का पूरा भरोसा दिया था। इसके एवज में उनसे विभिन्न किश्तों में मोटी रकम ली गई, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी न तो वीजा लगा और न ही पैसे लौटाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने अब तक करीब 60 लाख रुपये की ठगी का यह बड़ा मामला खुलकर सामने आया है। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस की सघन जांच जारी

चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर अब सघन पूछताछ की जा रही है। जांच टीम इस बात का बारीकी से पता लगा रही है कि अब तक कितने बेकसूर लोग इस गिरोह का शिकार बनकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के सभी सक्रिय बैंक खातों के रिकॉर्ड और हालिया लेन-देन को भी फ्रीज कराकर आगे की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है, ताकि ठगे गए लोगों को उनके पैसे वापस दिलाए जा सकें।