चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी स्थानीय अपराधियों और असामाजिक तत्वों को अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई डीआईजी राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व और ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की देखरेख में अंजाम दी गई।

मुखबिर की सूचना पर पहली गिरफ्तारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को एक पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि एक गिरोह स्थानीय बदमाशों को अवैध हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सेल की टीम ने फेज-2 स्थित बीएसएनएल टर्न के पास जाल बिछाया और अभ्यास उर्फ अभिषेक (23) को दबोच लिया। आरोपी मौली जाग्रत, चंडीगढ़ का रहने वाला है। तलाशी के दौरान अभिषेक के पास से एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ थाना-31 में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया।

रिमांड के दौरान खुले राज, दो और साथी दबोचे
पुलिस रिमांड के दौरान जब आरोपी अभ्यास उर्फ अभिषेक से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने इस नेटवर्क से जुड़े अपने दो और साथियों के नामों का खुलासा किया। इसके आधार पर पुलिस ने दो अन्य गिरफ्तारियां कीं। जिसमें विकास उर्फ बत्ती (20) डीएमसी कॉलोनी (चंडीगढ़) के रहने वाले विकास को पुलिस ने 10 जून को सेक्टर-43 स्थित सीटीयू वर्कशॉप के पीछे टी-पॉइंट से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। और तैयब उर्फ चेतन (20) मलीमाजरा के रहने वाले तैयब को पुलिस ने 15 जून को किशनगढ़ चौक के पास स्लिप रोड से गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी में भी एक देसी कट्टा बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपी ‘विकास उर्फ बत्ती’ का है लंबा आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से विकास उर्फ बत्ती एक हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से ही 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, मारपीट, आपराधिक धमकी, अवैध हथियार रखने और गैंग से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। उसके खिलाफ कई एफआईआर मलोया और सेक्टर-39 थानों में दर्ज हैं।