हांसी के गांव चानौत में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन लेकर पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन के 35वें दिन आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों और चानौत संघर्ष समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान अनशनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए हांसी के विधायक विनोद भ्याणा, डीसी राहुल नरवाल और एसपी विनोद कुमार जिम्मेदार होंगे।

आमरण असीनशन पर बैठे पांचों अनशनकारियों ने अपना शपथ पत्र (एफिडेविट) जारी करते हुए कहा कि वे पूरी तरह अपनी इच्छा और स्वेच्छा से अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन को लेकर भ्रामक बातें फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन और पुलिस पर आंदोलन को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। उन्होंने हांसी एसपी द्वारा धरना कमेटी से जुड़े लोगों को “शरारती तत्व” बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। समिति का कहना है कि इस बयान से पूरे गांव में रोष है और ग्रामीण स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने दोहराया कि उनकी मांग शुरू से ही एक ही रही है और उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनका कहना है कि उन्हें राजली हेड से पानी नहीं चाहिए। वे चाहते हैं कि हांसी शहर को आने वाली मौजूदा पेयजल पाइपलाइन का आकार बढ़ाकर उसी लाइन से टी-कनेक्शन दिया जाए, ताकि चानौत गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

संघर्ष समिति ने साफ कर दिया कि वे किसी वैकल्पिक योजना को स्वीकार नहीं करेंगे और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा। समिति ने प्रशासन से सकारात्मक पहल करते हुए ग्रामीणों की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उधर, गांव में धरना 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है और आंदोलन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।