जीतेन्द्र सिन्हा, राजिम। सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया।

सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है, लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था, वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया। मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत व नाश्ता परोसते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बात करता है, लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया। अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।

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