पंकज श्रीवास्तव, छपरा। छपरा-सिवान राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-531) पर एकमा थाना क्षेत्र के हंसराजपुर गांव के निकट गुरुवार की देर रात करीब 2 बजे चार ट्रकों की आपस में भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक सड़क हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
चार ट्रकों की भीषण टक्कर और रेस्क्यू ऑपरेशन
दुर्घटना का शिकार हुए चार ट्रकों में से तीन ट्रकों पर बालू लदा हुआ था, जबकि एक ट्रक पर करकट (ऐस्बेस्टस शीट) लदा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। जाम और यातायात की गंभीर समस्या को देखते हुए पुलिस ने जेसीबी और क्रेन की मदद ली। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों को सड़क के बीच से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद आवागमन को धीरे-धीरे सामान्य कराया जा सका।

चालकों और उपचालकों की घायल स्थिति
इस भीषण सड़क हादसे में ट्रकों के कई चालक और उपचालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि घायलों में से एक की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की तैयारी है।
अवैध बालू परिवहन पर खड़े हुए गंभीर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल बालू के अवैध परिवहन को लेकर उठ खड़ा हुआ है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों में से तीन पर भारी मात्रा में बालू लदा होने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सख्ती और नियमों की पालना पर सवालिया निशान लग गए हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या इन ट्रकों में लदा बालू वैध था और क्या चालकों के पास परिवहन से जुड़े सभी जरूरी चालान और कागजात मौजूद थे?
यदि बालू की ढुलाई वैध दस्तावेजों के आधार पर हो रही थी, तो कागजातों की जांच से स्थिति साफ हो जाएगी। वहीं, यदि बिना वैध चालान के ओवरलोडिंग या नियमों का उल्लंघन कर बालू ले जाया जा रहा था, तो ट्रांसपोर्टर और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। फिलहाल स्थानीय पुलिस दुर्घटना के कारणों की तकनीकी जांच के साथ-साथ बालू के अवैध कारोबार से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।



