चरखी दादरी: चरखी दादरी के कासनी गांव के रहने वाले सेना के जवान रवि प्रकाश का बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान निधन हो गया। मंगलवार सुबह फिजिकल एक्टिविटी (पीटी) के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। परिजनों के मुताबिक, रवि का निधन हार्ट फेल होने से हुआ।

रवि प्रकाश वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह राष्ट्रीय राइफल्स की 54 बटालियन में कश्मीर में तैनात थे। करीब दो महीने पहले वह घर से ड्यूटी पर लौटे थे। इसके बाद प्रमोशन कोर्स के लिए बेंगलुरु गए थे। मंगलवार को उनकी ट्रेनिंग का आखिरी दिन था।

आखिरी बातचीत में कहा था- अब हवलदार बनकर घर आऊंगा

रवि की मौत से कुछ घंटे पहले तक परिवार को इस अनहोनी का अंदाजा नहीं था। सोमवार रात उन्होंने वीडियो कॉल पर पत्नी सुनीता और 8 वर्षीय बेटे देव से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने परिवार को बताया था कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह हवलदार बन जाएंगे और इसके बाद घर लौटेंगे।

परिवार के लिए यह बातचीत अब आखिरी याद बनकर रह गई है। रवि के अचानक निधन की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया।

पत्नी और 8 साल के बेटे को छोड़ गए

रवि प्रकाश अपने पीछे पत्नी सुनीता और 8 साल के बेटे देव को छोड़ गए हैं। उनके पिता श्रीकृष्ण सांगवान खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। बड़े भाई दिनेश भी खेती करते हैं। उनकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं।

सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

सेना की ओर से रवि प्रकाश का पार्थिव शरीर गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देर शाम तक शव कासनी गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सीएम नायब सैनी और कुमारी सैलजा ने जताया शोक

रवि प्रकाश के निधन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सेवा में जवान का सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरण किया जाएगा। कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने भी जवान के निधन पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।