पंकज श्रीवास्तव, छपरा। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांदे ने छपरा प्रवास के दौरान एक प्रेस वार्ता में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और सख्त कानून लागू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने बिहार के सीमावर्ती जिलों में इस समस्या के गंभीर प्रभाव का जिक्र करते हुए सरकार से कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।
सदस्यता विस्तार और आगामी कार्यक्रम
छपरा में पत्रकारों से बात करते हुए मिलिंद परांदे ने बताया कि वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत संगठन का लक्ष्य अपने सदस्यों की संख्या को 72 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ तक पहुंचाना है। आगामी 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक इसकी विशेष तैयारियां की जाएंगी। इस समयावधि में वीएचपी के दिवंगत नेता अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष, गौ रक्षा कानून और अन्य महत्वपूर्ण सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों को सफल बनाने में बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी संस्थाएं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मंदिरों की मुक्ति और जनसंख्या संतुलन पर जोर
संगठन का मुख्य प्रयास देश के हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण और कब्जे से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए नया कानून लाना है। इस दिशा में वीएचपी के प्रतिनिधि लगातार प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, विधायकों और सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं, क्योंकि नीति निर्माण में इन्हीं जनप्रतिनिधियों की मुख्य भूमिका होती है। बिहार में जनसांख्यिकीय असंतुलन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में जनसंख्या के संतुलन को बनाए रखने के लिए ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों पर रोक लगाना आवश्यक है।
गोहत्या पर सख्त कानून और आरक्षण विवाद
गोहहत्या के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर गोहत्या विरोधी कानून को हर हाल में सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। बिहार के कई सीमावर्ती जिले गोहत्या और उससे जुड़ी अवैध गतिविधियों से विशेष रूप से प्रभावित हैं, जिस पर लगाम कसना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, आरक्षण विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज बेहद गौरवशाली और आस्थावान है, जो जाति आधारित विसंगतियों और कानूनों को स्वयं समझदारी से सुलझा लेगा। इस प्रक्रिया से राजनीतिक दलों को पूरी तरह दूर रहना चाहिए और समाज को खुद अपने आंतरिक मुद्दों का समाधान करना चाहिए।



