रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने सुशासन, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण, भ्रष्टाचार पर सख्ती, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, कृषि, डिजिटल गवर्नेंस और फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत करते हुए अधिकारियों को सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में बलरामपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में कुछ अधिकारियों का कार्य अत्यंत सराहनीय पाया गया, जबकि कुछ अधिकारी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही सीधे जनता से जुड़ी होती है और प्रशासनिक ढिलाई से न केवल लोगों को नुकसान होता है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी आम नागरिकों के प्रति है। उन्होंने अधिकारियों को जनता से शालीनता से मिलने, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में अधिकारियों की हर बात और व्यवहार पर जनता की नजर रहती है, इसलिए किसी भी प्रकार की असंगत या गैर-जिम्मेदार टिप्पणी से बचना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि वे लोगों की बात ध्यानपूर्वक सुनें, समस्याओं को समझें और उचित समाधान करें तो उन्हें अपने वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (सीआर) की चिंता करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर मौके पर समस्याओं का समाधान करना होगा।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 पोर्टल से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक ऑनलाइन नागरिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, मोबाइल ऐप, वेबसाइट या प्रत्यक्ष आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसके निराकरण की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद कार्य संस्कृति में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है। बायोमीट्रिक अटेंडेंस और नियमित मॉनिटरिंग से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच प्रशासन की छवि तभी बेहतर बनती है जब अधिकारी जमीन पर सक्रिय दिखाई देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब नगर निगम अधिकारी सुबह वार्डों में पहुंचकर काम का निरीक्षण करेंगे, काउ कैचर वाहन आवारा मवेशियों को पकड़ते नजर आएंगे और फॉगिंग मशीनें चलती दिखाई देंगी, तभी जनता का भरोसा प्रशासन पर मजबूत होगा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन अत्यंत संवेदनशील योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि राज्य स्तर पर समन्वय की आवश्यकता हो तो तत्काल जानकारी दी जाए। पेयजल व्यवस्था में लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी व्यवस्थाएं मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि बिजली नागरिक सेवाओं से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विषय है और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों सब्सिडी दे रही हैं तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना काल के दौरान बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को पात्र उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्कूल भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि नए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और तय समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा माफिया और उनके सहयोगियों पर कठोर कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे अधिकारियों की पहचान उनकी फील्ड में सक्रियता और समस्याओं के त्वरित समाधान से होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी। जिला स्तर पर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी प्रकार की कालाबाजारी न हो। उन्होंने पीडीएस दुकानों में राशन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवेदनों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताते हुए अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी लगातार फीडबैक लेते हैं और जनता के संपर्क में रहते हैं, उनके जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर रहती है। उन्होंने संभावित विवाद की स्थिति बनने से पहले संवाद और समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।
महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित मोदी की गारंटी से जुड़ी सभी फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद-बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने तथा उचित मूल्य पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने और प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए इसे गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से ई-कर्मयोगी प्रशिक्षण और ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह अपनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई आई-गॉट कर्मयोगी ट्रेनिंग अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि तकनीक का अधिक उपयोग करने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और कम समय में बेहतर परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 40 दिनों तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे और इनमें प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इसकी समीक्षा भी करती रहेगी।
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