जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनीपत ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न विभागों के साथ मिलकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें कानूनी प्रावधानों और सूचना देने वाले की गोपनीयता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संजीव घनगस, सोनीपत। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सोनीपत द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ रहा। यह कार्यशाला मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव श्री प्रचेता सिंह के मार्गदर्शन में MDD ऑफ इंडिया टीम के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, ताकि आपसी समन्वय से इस सामाजिक कुरीति को समाप्त किया जा सके।

कानूनी प्रावधान और सूचना प्रदाता की गोपनीयता पर जोर
कार्यशाला में मुख्य वक्ता (Resource Person) के रूप में MDD ऑफ इंडिया, सोनीपत के जिला समन्वयक डॉ. राज सिंह सांगवान ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बाल विवाह की जानकारी होना और उसे प्रशासन से छिपाना एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। डॉ. सांगवान ने आश्वासन दिया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि आमजन बिना किसी डर के इस बुराई के खिलाफ आगे आ सकें। उन्होंने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और कानूनी बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विभिन्न योजनाओं पर चर्चा और ‘बाल विवाह मुक्त’ का संकल्प
बाल विवाह के अलावा कार्यशाला में कई अन्य महत्वपूर्ण विधिक योजनाओं पर भी मंथन किया गया। इसमें दहेज निषेध अधिनियम, NALSA (आशा-2025) की एसओपी, और मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए विधिक सेवा योजना-2024 जैसी कल्याणकारी नीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का संकल्प लिया। अंत में प्राधिकरण द्वारा आह्वान किया गया कि इस अभियान की सफलता के लिए आमजन का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है, तभी समाज को इस कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त किया जा सकता है।

