अनिल सक्सेना, रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सनातन संस्कृति का एक बेहद खूबसूरत और अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां की गलियों में अब बड़ों से पहले नन्हे-मुन्ने बच्चों के कदमों की आहट और भगवान के भजनों की गूंज सुनाई देती है। जिले के छोटे-छोटे बच्चों ने मिलकर सनातन धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाने का एक अनोखा संकल्प लिया है।
ये बच्चे हर दिन नियम से सुबह ‘प्रभात फेरी’ और शाम को ‘संध्या फेरी’ निकाल रहे हैं। हाथों में मंजीरे और होंठों पर राम-कृष्ण के नाम का जाप लिए इन बच्चों का उत्साह देखते ही बनता है। बच्चों के इस सराहनीय कदम में उनके परिवार के लोग भी पीछे नहीं हैं। माता-पिता और अभिभावक बच्चों को पूरा सपोर्ट कर रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। इन मासूम बच्चों की भक्ति और नियम-निष्ठा को देखकर अब क्षेत्र के बड़े-बुजुर्ग और युवा भी जागरूक हो रहे हैं।
जो लोग कल तक अपनी व्यस्त दिनचर्या में उलझे थे, वे अब बच्चों को देखकर इस पावन मुहिम से जुड़ने लगे हैं। बच्चों का कहना है कि वे अपनी इस टोली के जरिए पूरे रायसेन जिले में सनातन धर्म, संस्कारों और एकता का एक सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।

