Chirag Paswan: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी द्वारा युवाओं को ‘तेलचट्टा’ कहे जाने पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

चिराग ने कहा कि, युवाओं को ऐसे शब्दों से संबोधित करना किसी भी प्रकार से जायज नहीं है। साथ ही उन्होंने युवाओं के आंदोलन को लोकतंत्र की ताकत बताते हुए उनसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की।

‘आंदोलन ने दिशा देने का काम किया’

चिराग पासवान ने कहा कि, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति हमेशा रही है। आंदोलन ने समय-समय पर दिशा देने का काम किया है और नए युवा चेहरों को मौका देने का काम किया है। लेकिन अगर किसी प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व अपनी राह तलाशने का काम करते हैं, तो उन्हें चिन्हित करना जरूरी है। जो सिर्फ अराजकता का माहौल उत्पन्न करने की सोच के साथ आगे आते हैं। कल देश में अराजकता का माहौल उत्पन्न करने की सोच को बल देने का काम किया जा रहा था, जिसे केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया गया।

जीतन राम मांझी का पोस्ट

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कल 10 अक्टूबर को सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘तेलचट्टा’ शब्द से संबोधित किया था। मांझी ने अपनी पोस्ट में लिखा, भारत भूमि शेरों की धरती है। भारत माता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह जैसे शेर पैदा किएं हैं, जो ना कॉक्रोच से डरतें हैं ना ही झींगुरों से। मांझी ने आगे कहा कि, हमें पता है कि तेलचट्टों ओर झींगुरों से कैसे निपटना है। भारत माता की जय। संविधान ज़िन्दाबाद।लोकतंत्र ज़िंदाबाद।

‘तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते उनके सांसद’

वहीं, विपक्ष के प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने कहा कि, जिस चुनावी प्रक्रिया से राहुल और सोनिया गांधी चुनाव जीत कर आएं हैं। आज उसी पर वे उंगली उठा रहे हैं। कह रहे है कि वोट चोरी हुआ है, तो सबसे पहले उनके सांसद इस्तीफा क्यों नहीं देते हैं?

चिराग ने कहा कि, राहुल गांधी, प्रियंका की जीत अच्छी है और भाजपा की जीत उन्हें खराब लगता है? वोट चोरी लगता है? कर्नाटक और हिमाचल में उसी चुनावी प्रक्रिया से इनकी सरकार बनी, तो अच्छी बात और पश्चिम बंगाल बिहार में एनडीए जीती तो इन्हें वोट चोरी लगती है। ये कैसी राजनीति है? चिराग ने कहा कि, अगर इतना ही वोट चोरी की आशंका है, तो सबसे पहले राहुल प्रियंका सहित सभी विपक्षी सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए।

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