अनमोल मिश्रा, चित्रकूट/सतना। सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ ने भयावह और विकराल रूप धारण कर लिया है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण रामघाट क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। इसी बीच उफनती नदी के प्रचंड बहाव में रामघाट का बड़ा पुल टूटने की खबर सामने आई है, जिसके बाद पूरे इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई है।
पुल टूटने से दहशत, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर
रामघाट का बड़ा पुल टूटने और नदी के रौद्र रूप को देखकर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के बीच दहशत का माहौल है। बाढ़ का खतरा मंडराते देख लोग अपने-अपने घरों व सुरक्षित स्थानों की ओर शरण लेने पर मजबूर हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बाढ़ के तेज बहाव में कई चीजें बहती नजर आ रही हैं, जो वहां के खौफनाक मंजर की गवाही दे रही हैं।
बचाव दल और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और राहत व बचाव दल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने आम जनता और श्रद्धालुओं से नदी के करीब न जाने तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त अपील की है।

उफनती नदी के बीच SDRF का बड़ा रेस्क्यू: जैतवारा के झरी गांव में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। इसी बीच जैतवारा तहसील के झरी गांव में उफनते पानी के बीच कई ग्रामीणों के फंसे होने की सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। SDRF जवानों ने जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया।
तहसीलदारों की मौजूदगी में चला सफल रेस्क्यू अभियान
इस पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी के लिए प्रशासनिक अमला खुद मौके पर डटा रहा। मौके पर बिरसिंहपुर तहसीलदार डॉ. शैलेंद्र बिहारी शर्मा और जैतवारा तहसीलदार ज्योति पटेल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। उनकी देखरेख में SDRF टीम ने सावधानीपूर्वक सभी ग्रामीणों को सकुशल बाहर निकाला। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से उफनते नदी-नालों के पास न जाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त अपील की है।

सेमरावल नदी ने दिखाया विकराल रूप, पुलिस व प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिले और चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख रास्तों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे गंभीर स्थिति कोठी थाना क्षेत्र के पुरवा गांव के पास देखने को मिल रही है, जहाँ सेमरावल नदी दशकों बाद अपने रौद्र रूप में नजर आ रही है। तेज बहाव के कारण पानी कई जगह सड़कों और पुल-पुलियों के ऊपर से बहने की स्थिति में पहुँच गया है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात, एडवाइजरी जारी
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संवेदनशील स्थानों और उफनते पुल-पुलियों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश का दौर जारी रहने से हालात और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को उफनते नदी-नालों के पास न जाने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।

इटमा गांव में जलप्रलय: आधा सैकड़ा घरों में घुसा पानी, पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण
कोठी थाना क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। बारिश और जलभराव के कारण इटमा गांव के करीब आधा सैकड़ा (50) घरों के भीतर पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। अचानक बढ़े जलस्तर के चलते लोगों की गृहस्थी का कीमती सामान डूब गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को अपना सामान बचाकर घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मांगी तत्काल राहत व मदद
गांव के आसपास लगातार पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जलभराव की समस्या से तत्काल राहत दिलाने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और राशन-सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

चित्रकूट में 400 दुकानें जलमग्न, सड़कों पर चलीं नावें और रोका गया ट्रेनों का परिचालन
चित्रकूट में पिछले 14 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भीषण तबाही मचाई है। उफनती मंदाकिनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण पूरा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सतना से चित्रकूट जाने वाला मार्ग 3 स्थानों से बंद हो जाने के कारण प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। मंदाकिनी के विकराल रूप के चलते रामघाट, भारत घाट, आरोग्यधाम, गुप्त गोदावरी और सती अनुसूइया जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पानी में डूब गए हैं। नयागांव राजमहल के अंदर तक पानी भर चुका है और सड़कों पर गाड़ियों के बजाय नावें चलती दिखाई दे रही हैं।
रेलवे ट्रैक पर आया पानी, 25 फीट ऊंचा पुल डूबने की कगार पर
बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव रामघाट क्षेत्र में देखने को मिला है, जहाँ घाट किनारे की लगभग 400 दुकानें पूरी तरह डूब चुकी हैं। इतिहास में पहली बार 25 फीट ऊंचा बड़ा पुल भी डूबने की कगार पर पहुंच गया है और उसकी रेलिंग टूट चुकी है। उधर मझगवां के पास रेलवे ट्रैक पर पानी आ जाने से ‘आनंद विहार-रीवा एक्सप्रेस’ को बीच रास्ते रोकना पड़ा। घरों और होटलों में फंसे श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को बाहर निकालने के लिए SDRF की टीमें नावों के सहारे लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

नागौद थाना परिसर बना तालाब, घरों में घुसा पानी
9 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अनवरत बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे कई जगहों पर आवागमन ठप हो गया है। ड्रेनेज व्यवस्था ध्वस्त होने से बारिश का पानी लोगों के घरों के भीतर तक प्रवेश कर गया है, जिससे रहवासियों को अपनी गृहस्थी का जरूरी सामान बचाने के लिए कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
थाना परिसर में भरा पानी, जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
बारिश से उपजे जलभराव की सबसे गंभीर और चिंताजनक तस्वीर नागौद थाना परिसर से सामने आई है, जहां भारी बारिश के बाद पूरा थाना परिसर तालाब में तब्दील हो गया। परिसर में पानी इतना ज्यादा भर चुका है कि पुलिसकर्मियों और फरियादियों की सामान्य आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने लगातार बिगड़ते हालातों के बीच प्रशासन की ढुलमुल जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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