20 FIR Registered Against Delhi CJP Protest: 10 अक्टूबर को हुए सीजेपी प्रोटेस्ट के खिलाफ दिल्ली पुलिस का एक्शन हुआ है। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शन करने के मामले में 20 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, ये मामले कानून हाथ में लेने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने से जुड़े हैं।

वहीं CJP Protest से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। CJP प्रोटेस्ट से जुड़ी चार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इनमें राजनीतिक नेताओं और वकीलों की हिरासत, पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और सड़कों को बंद करने और फोन जैमर के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट में इन याचिकाओं की सुनवाई जारी है। कल पिटाई का शिकार हुए वकील भी खुद अदालत में पेश हुए।

सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई। वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान वकीलों की पिटाई की थी। इस दौरान कुछ वकीलों ने कोर्ट में पुलिसकर्मियों के बैठने की जगह को लेकर भी आपत्ति जताई। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम नंबर 18 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लिंक काम नहीं कर रहा था। इस पर वकीलों ने अदालत से कोर्टरूम बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना है। ऐसे में लिंक का काम करना जरूरी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही को कोर्टरूम नंबर 5 में शिफ्ट कर दिया गया है। वकीलों के कोर्ट नंबर 5 की ओर जाने के कारण सुप्रीम कोर्ट के कॉरिडोर में भारी भीड़ जुट गई है। फिलहाल कोर्टरूम नंबर 5 के दरवाजे नहीं खुले हैं।

अभिदीत दीपके-आशुतोष रांका और सौरव दास कोर्ट से हुए रिहा

 कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) पुलिस हिरासत से रिहा हो गए हैं। अभिजीत दीपके के साथ ही आशुतोष रांका और सौरव दास (Saurav Das) भी रिहा हो गए हैं। तीनों को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया है। तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तीनों को एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त रखते हुए रिहा कर दिया है।

तीनों CJP लीडर ने रिहाई के लिए ₹50 हजार का बेल बॉन्ड भरा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को BNSS की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 11 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली कैंट की SEM कोर्ट में पेश किया गया। तीनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार के लिए ₹50 हजार का जमानती मुचलका भरा, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा

इधर यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश की गई तो कार्रवाई होगी। ध्रुव राठी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें 10 अक्टूबर को प्रोटेस्ट से पहले हिरासत में लिया गया था। उन्हें जंतर-मंतर पर आने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस की मदद से उनके घर से हिरासत में लिया था। ध्रुव इससे पहले बेंगलुरु में सीजेपी के प्रोटेस्ट में नजर आए थे। बेंगलुरु प्रोटेस्ट में उनके साथ एक्टर प्रकाश राज और सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका भी थे।

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