India Warning To UN Over CJP Protest: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान हुई गिरफ्तारियों पर संयुक्त राष्ट्र ने एंट्री मारते हुए चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के प्रवक्ता थामीन अल-खीथान ने दिल्ली में प्रदर्शनों से जुड़ी सामूहिक हिरासत की खबरों पर चिंता जताई। बिन बुलाए बाराती की तरह सीजेपी प्रोटेस्ट में UN ने मारी एंट्री तो भारत ने वॉर्निंग दे डाली। राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंता को भारत ने खारिज करते हुए आंतरिक मामलों में देखल नहीं देने की चेतावनी दी।
दरअसल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी सीजेपी (CJP) ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन किया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 7 हजार प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर इसे फेल कर दिया। इस दौरान CJP के टॉप लीडर्स अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke), सौरव दास (Saurav Das) और आशुतोष रांका को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था। तीनों अब भी पुलिस हिरासत में लिया था।

इसपर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने टिप्पणी की थी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थामीन अल-खीतेन ने दिल्ली में प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई। OHCHR ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। कार्यालय ने कहा कि इस अधिकार पर लगाई जाने वाली पाबंदियां जरूरत और उचित सीमा की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि अगर किसी को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया गया है, तो उसे तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए।
भारत ने दिखाया आईना
राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंता को भारत ने खारिज करते हुए आंतरिक मामलों में देखल नहीं देने की चेतावनी दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां संविधान शांतिपूर्ण तरीके से सभा करने का अधिकार देता है। ओएचसीएचआर की चिंताएं अनुचित हैं और भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप हैं। मिशन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से दुनिया के अन्य हिस्सों में होने वाले बड़े प्रदर्शनों पर भी इसी तरह ध्यान देने की अपील की। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को निष्पक्षता और बिना किसी भेदभाव के अपने दायित्वों का पालन करना चाहिए।
बता दें कि ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी सीजेपी (CJP) ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन किया। शनिवार को हुए प्रोटेस्ट में हजारों समर्थकों को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने रास्ते में रोक दिया था। करीब 7000 लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। इसमें CJP के टॉप लीडर्स अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke), सौरव दास (Saurav Das) और आशुतोष रांका को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था। तीनों अब भी पुलिस हिरासत में हैं। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर मार्च बुलाया है।
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