कृष्ण कुमार सैनी , सोनीपत। नगर निगम कार्यालय के बाहर सोमवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस सुरक्षा के बीच निगम प्रशासन ने सफाई अभियान शुरू करवाने की कोशिश की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जैसे ही सफाई व्यवस्था बहाल करने की तैयारी शुरू हुई, सफाई कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब ज्वाइंट नगर निगम कमिश्नर मौके पर हालात का जायजा लेने पहुंचीं। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया और तीखी बहस शुरू हो गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिसकर्मियों को बीच में आकर अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात रही और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन पर चढ़कर सफाई अभियान रुकवा दिया। कर्मचारियों के भारी विरोध के चलते जेसीबी मशीन को बिना काम किए वापस लौटना पड़ा। इतना ही नहीं, जिन वाहनों में कूड़ा उठाया जा रहा था, प्रदर्शनकारियों ने उसी कूड़े को दोबारा सड़कों पर फेंक दिया, जिससे नगर निगम कार्यालय के बाहर कूड़े के ढेर लग गए और हालात और बिगड़ गए।

सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। कर्मचारियों की मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और फरीदाबाद आगजनी हादसे में जान गंवाने वाले फायर कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देकर उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

उधर शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था का असर अब आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में कूड़ा जमा होने से स्थानीय निवासी परेशान हैं और निगम प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

मामले में जानकारी देते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।