नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इस दौरान चन्‍नी ने लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र कर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की. दोनों नेताओं की पंजाब से जुड़े और कई मसलों पर चर्चा हुई.

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पंजाब सीएम चन्‍नी मंगलवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे. इस मीटिंग के बाद वह मीडिया से मुखातिब हुए. उन्‍होंने बताया कि ‘आज मैंने गृह मंत्री से मुलाकात की. उनसे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने को कहा है. मैंने उनसे लखीमपुर खीरी घटना पर बात की है. साथ ही पंजाब बॉर्डर को सील करने को कहा है, ताकि पंजाब में हथियार और नशे की सामग्री न आ सके.

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इसके पहले ही चन्‍नी ने मीटिंग के एजेंडे के बारे में साफ कर दिया था. उन्‍होंने बताया था कि वह गृह मंत्री से मुलाकात कर लखीमपुर खीरी का मसला उठाएंगे. चन्नी ने कहा था कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा ने उन्हें 1919 की जलियांवाला बाग घटना की याद दिला दी. सीएम ने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों के साथ चंडीगढ़ में गांधी स्मारक भवन परिसर में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को मूक प्रदर्शन भी किया था.

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दरअसल लखीमपुर खीरी में रविवार को 4 किसानों समेत 10 लोगों की मौत हो गई थी. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के स्वागत के लिए एक कार्यक्रम में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से किसानों को वाहनों से कुचल दिया था. अन्य लोग भाजपा के कार्यकर्ता और उनके चालक थे, जिन्हें वाहन से खींचकर बाहर निकाला गया और पीट-पीट कर उनकी भी हत्या कर दी गई. इसके अलावा एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी. चन्नी ने आरोप लगाया था कि किसानों की ‘हत्या’ जानबूझकर की गई है.